नई दिल्ली। ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) ने दुनिया भर से अपनी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को वापस मंगवाई है। कंपनी ने साल 2020 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन बनाई थी। इसके फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हुए सीरम इंस्टीट्यूट ने भारत में कोविशील्ड (Covishield) नाम से वैक्सीन बनाई थी। एस्ट्राजेनेका ने कुछ दिनों पहले ही अपनी वैक्सीन के खतरनाक साइड इफैक्ट की बात स्वीकार की थी।
AstraZeneca ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि बाजार में जरूरत से ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध है। इसलिए कंपनी ने बाजार से सभी टीके वापस मंगवाने का फैसला किया है। AstraZeneca कंपनी ने ब्रिटिश हाईकोर्ट को बताया था कि उनकी कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine) के खतरनाक साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। कंपनी ने कोर्ट में जमा किए गए अपने दस्तावेजों में कहा कि उसकी कोरोना वैक्सीन से कुछ मामलों में थ्रॉम्बोसिस थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी TTS हो सकता है।
इस बीमारी से शरीर में खून के थक्के जम जाते हैं और प्लेटलेट्स की संख्या गिर जाती है। हालांकि, ऐसा बहुत रेयर (दुर्लभ) मामलों में ही होगा। एस्ट्राजेनेका पर आरोप है कि उनकी वैक्सीन से कई लोगों की मौत हो गई।
वहीं कई अन्य को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। कंपनी के खिलाफ हाईकोर्ट में 51 केस चल रहे हैं। पीड़ितों ने एस्ट्राजेनेका से करीब 1 हजार करोड़ का हर्जाना मांगा है।
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