हेल्थ/लाइफस्टाइल डेस्क। आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में लोगों के पास ना तो खाने का समय है और ना अपना ख्याल रखने का. खानपान में लापरवाही के चलते कई बार शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। इनमें से विटामिन बी12 (Vitamin B-12 ) एक महत्वपूर्ण है. यह विटामिन, जिसे कोबालमिन भी कहते हैं, हमारी नसों, लाल रक्त कोशिकाओं और डीएनए के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है. यह एक पानी में घुलनशील विटामिन है, इसलिए शरीर इसे लंबे समय तक स्टोर नहीं कर पाता।
विटामिन बी12 की कमी के लक्षण:
तेजी से सांस लेना या सांस लेने में तकलीफ होना
सिर दर्द
अपच
भूख में कमी
धड़कन
आंखों की समस्याएं
कमजोरी या थकान महसूस होना
दस्त
घाव या लाल जीभ, मुंह में छाले
मांसपेशियों में कमजोरी
डिमेंशिया
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विटामिन बी-12 की कमी दूरने के उपाय
1: दूध, दही, पनीर, छाछ और अन्य डेयरी उत्पाद विटामिन बी12 के अच्छे स्रोत हैं. रोजाना एक गिलास दूध या एक कटोरी दही का सेवन बहुत फायदेमंद हो सकता है.
पोषक खमीर (न्यूट्रिशनल यीस्ट): यह एक फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ है जो विटामिन बी12 का उत्कृष्ट स्रोत है. इसे खाने पर चीज जैसा स्वाद आता है और इसे सूप, सलाद या पास्ता में मिलाकर खाया जा सकता है
2: कई नाश्ते के अनाज, प्लांट-बेस्ड दूध जैसे सोया मिल्क या बादाम मिल्क और एनर्जी बार को विटामिन बी12 से फोर्टिफाइड किया जाता है. इनके पैकेट पर विटामिन बी12 की मात्रा जरूर चेक करें.
3: सोयाबीन से बने टोफू, सोया मिल्क और अन्य सोया उत्पाद भी विटामिन बी12 प्रदान कर सकते हैं, खासकर यदि वे फोर्टिफाइड हों.
4: विभिन्न प्रकार के अनाज, जैसे ओट्स, गेहूं और रागी में भी कुछ मात्रा में विटामिन बी12 पाया जाता है, खासकर जब वे फोर्टिफाइड किए गए हों
5: इडली, डोसा, दही चावल और अन्य फर्मेंटेड भारतीय खाद्य पदार्थों में सूक्ष्मजीवों के कारण थोड़ी मात्रा में विटामिन बी12 हो सकता है.
5: हालांकि मुख्य स्रोत नहीं हैं, लेकिन कुछ हरी सब्जियां जैसे शिमला मिर्च और पालक में भी थोड़ी मात्रा में बी12 मिल सकता है. इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बनाना सेहतमंद होता है.
6: यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है और इसमें भी कुछ हद तक बी12 मौजूद हो सकता है.
(नोट- यह खबर पाठकों को सिर्फ जागरूक करने के उद्देश्य से लिखी गई है। किसी भी चीज के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)
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