इस्लामाबाद। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में हिंसा बढ़ती जा रही है। सिंध प्रांत को छोड़कर पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आर्मी तैनात कर दी गई है। इस बीच, PTI लीडर फवाद चौधरी को देर रात और शाह महमूद कुरैशी को गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अब तक इमरान की पार्टी के करीब 1900 नेता-कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
इस बीच, 9 मई को इमरान की गिरफ्तारी के बाद जारी हिंसा में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 290 लोग जख्मी हो गए हैं। बुधवार को इमरान खान को 8 दिन के लिए नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की रिमांड पर भेज दिया गया। हिंसा पर फौज ने पहला ऑफिशियल रिएक्शन दिया। कहा, '9 मई का दिन पाकिस्तान के इतिहास में काले अध्याय के तौर पर देखा जाएगा।'
उधर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारी हिंसा के बीच देश की आवाम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री शरीफ ने इमरान खान पर जमकर हमला करते हुए कहा कि जो काम दुश्मन देश नहीं कर सके वो पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने कर दिया।
शहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान खान का जुर्म नाकाबिल-ए-माफी है। इमरान खान की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के केस में हुई है। उन्होंने 60 अरब रुपये का घोटाला किया है। इमरान खान के समर्थकों ने अवाम की जान को खतरे में डाला है। हिंसा करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।
पाकिस्तानी सेना ने दिया कड़ा संदेश
पाकिस्तानी सेना ने हिंसा पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल सूत्रधारों, योजनाकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली गई है। इन लोगों खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये दुष्ट लोग अब अपने किए का परिणाम भुगतेंगे। ये लोग सेना पर हमला कर देश को गृह युद्ध में धकेलना चाहते थे।




