नई दिल्ली । नीट पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन अनशन काे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां नड्डा ने वांगचुक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और इस मुद्दे पर कैबिनेट स्तर पर बड़े फैसले का भरोसा दिया था।
वांगचुक ने शुक्रवार सुबह जारी वीडियो संदेश में कहा कि पिछले दो दिन से सरकार के साथ उनकी लगातार बातचीत चल रही थी। इस दौरान उनकी तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। सरकार की ओर से इन मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। वांगचुक ने कहा- सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर केस दर्ज नहीं करने, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
सोनम वांगचुक ने 28 जून को उन छात्रों और युवाओं के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना शामिल था।
लगातार उपवास के कारण 18 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देश पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज के लिए ले गई थी। (हि.स.)
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