सीतापुर। सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महोली कस्बे के रहने वाले पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के मामले में शामिल दो शूटरों को यूपी एसटीएफ और जिला पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मुठभेड़ में मारे गए दोनों अपराधी 1 लाख के इनामिया घोषित हत्या के बाद वांछित चल रहे थे।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने मुठभेड़ के बारे में बताया कि एसटीएफ और सीतापुर पुलिस शूटरों पर नजर रखे हुए थी। मारे गए दोनों बदमाशो की जानकारी महोली कस्बा अंतर्गत पिसावां इलाके में मौजूद होने की थी ।चेकिंग के दौरान बाइक सवार दोनों अपराधियों ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस द्वारा जवाबी कार्यवाही में ढेर कर दिया गया। डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
मुठभेड़ में मारे गये दोनों शूटरों की पहचान मिश्रिख कस्बा अंतर्गत ग्राम अटवा निवासी राजू उर्फ रिजवान गाजी और संजय उर्फ अकील खान के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार यह दोनों सगे भाई थे। जानकारी के अनुसार इनके पिता मुस्लिम है और मां हिंदू है इसलिए यह दोनों बदमाश दोनों धर्म के नाम का प्रयोग करते थे।
8 मार्च को हुई थी पत्रकार राघवेंद्र की हत्यापत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की हत्या 8 मार्च को दिनदहाड़े हेमपुर ओवरब्रिज पर कर दी गई थी। इस चर्चित हत्याकांड के बाद जिले में पत्रकार संगठनों एवं राजनीतिक दलों के लोगों ने पुलिस पर घटना के खुलासे का दबाव बनाया था। उसके बाद तत्कालीन एसपी चक्रेश मिश्रा ने इस घटना का खुलासा कर कारे देव मंदिर के तथाकथित पुजारी शिवानंद उर्फ विकास राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस के अनुसार पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई ने पुजारी शिवानंद को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसलिए शिवानंद ने ही उनकी हत्या की सुपारी राजू उर्फ रिजवान गाजी और संजय उर्फ अकील खान को दी थी। मारे गए दोनों बदमाशों के पास एक स्टेनगन सहित अन्य हथियार बरामद होने का दावा पुलिस ने किया है। (हि.स.)
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