रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में शुक्रवार को 7600 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ का इस्तेमाल एटीएम की तरह करती है। कांग्रेस करप्शन की पाठशाला है। यह करप्शन और कुशासन का मॉडल बन चुकी है। प्रधानमंत्री ने आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी एकता की कोशिशों पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिनके दामन दागदार हैं वो आज एक साथ आने की कोशिश कर रहे हैं। उनको लगता है कि ऐसा करके वो मोदी को हिला देंगे। वो एक बात कान खोलकर सुन लें, वो अगर भ्रष्टाचार की गारंटी हैं तो मोदी भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की गारंटी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रायपुर के साइंस कालेज मैदान में भाजपा की संकल्प रैली में कहा कि रायपुर अगले 25 साल छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके सामने एक बड़ा पंजा खड़ा हो गया है। कांग्रेस के पंजे ने ठान लिया है कि वो छत्तीसगढ़ के लोगों को लूट-लूट कर बर्बाद कर देगा। प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत छत्तीसगढ़ी में की। जय जोहार बोलकर उन्होंने लोगों का अभिवादन किया। सभा में आ रहे तीन कार्यकर्ताओं की मौत पर उन्होंने गहर दुख जताया। उन्होंने घायलों की मदद करने और जल्द ठीक होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कोई विभाग, काम ऐसा नहीं है जिसमें घोटाला नहीं है, सेंड माफिया, लैंड माफिया, कोल माफिया न जाने कैसे कैसे माफिया यहां फल-फूल रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ सरकार कांग्रेस के भ्रष्टाचार और कुशासन का मॉडल बन चुकी है। इसलिए आज छत्तीसगढ़ के हर कोने से एक ही आवाज गूंज रही है- बदलबो—बदलबो…ये दारी कांग्रेस के सरकार ल बदलबो। छत्तीसगढ़ में बीते चार साल में जो हुआ उससे सिद्ध हुआ कि कांग्रेस के पोर—पारे में करप्शन बसा हुआ है। करप्शन कांग्रेस की विचारधारा है।
उन्होंने कहा कि ये लोग मेरे पीछे पड़ेंगे, लेकिन ये नहीं जानते जो डर जाए वो मोदी नहीं है। कांग्रेस चाहे जितनी चाल चल ले, लेकिन मोदी छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने से पीछे नहीं रहेगा। मोदी गरीब का बेटा है इसलिए जानता है कि गांव में सड़कों का विकास होने से कितना विकास होता है। जब गांव—गांव तक सड़क पहुंचेगी तो विकास भी तेजी से होगा। भाजपा सरकार नेशनल हाइवे के लिए कांग्रेस से कई गुना ज्यादा खर्च करती है। बीते 9 साल में नक्सलवाद की समस्या से बाहर निकालने का हमारा प्रयास आज पूरा देश देख रहा है। कुछ साल पहले देश में नक्सल प्रभावित राज्यों की संख्या 126 थी, लेकिन आज 70 तक रह गई है।
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