मुंबई। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया, भारत से 2—0 से पिछड़ चुका है और पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि नागपुर टेस्ट के लिए लेफ्ट आर्म स्पिनर एश्टन एगर को नजरअंदाज करना ऑस्ट्रेलिया की बड़ी गलती थी।
ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में 10 मैचों में अपराजित रहने के क्रम के बाद उतरा था लेकिन नागपुर और नई दिल्ली में उसे तीन दिनों में बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया नागपुर में पहले टेस्ट में बिना कोई अभ्यास मैच खेले उतरा। ऑस्ट्रेलिया का दावा था कि सिडनी और कर्नाटक के अलूर में उसके कैम्प उसके लिए पर्याप्त थे। ऑस्ट्रेलिया ने कुछ आश्चर्यजनक चयन फैसले किये जिसमें बल्लेबाज ट्रेविस हैड को नागपुर में पहले टेस्ट में छोड़ना शामिल था। ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट पारी और 132 रन से तथा दूसरा टेस्ट छह विकेट से हार गया।
हालांकि हरभजन सिंह के अनुसार एक और बड़ा फैसला नागपुर टेस्ट के लिए लेफ्ट आर्म स्पिनर एश्टन एगर को शामिल न करना था।
ऑस्ट्रेलिया अपने प्रमुख खिलाड़ियों मिचेल स्टार्क, कैमरून ग्रीन, जोश हेजलवुड और मिचेल स्वेप्सन की चोटों से परेशान रहा। उन्होंने नवोदित लेफ्ट आर्म स्पिनर मैथ्यू कुहनेमान को बुलाया और डेविड वार्नर तथा हेजलवुड को हटा लिया जबकि स्वेप्सन अपने बच्चे के जन्म के कारण स्वदेश लौट गए।
हरभजन सिंह ने अपने ताजा यू ट्यूब वीडियो में कहा कि ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी गलती एगर को नागपुर टेस्ट के लिए एकादश में न शामिल करना थी।
उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलियाई टीम खाली दिखाई दे रही थी। लेफ्ट आर्म स्पिनर एश्टन एगर को रिलीज कर दिया गया था। लेकिन वह बेहतर विकल्प हो सकते थे। ऑस्ट्रेलिया ने दो ऑफ स्पिनर खेलाए जो बड़ी गलती थी। एगर एक प्रतिभाशाली गेंदबाज हैं।"
एक मार्च से इंदौर में होने वाले तीसरे टेस्ट से पूर्व ऑस्ट्रेलिया अपने नियमित कप्तान और अनुभवी तेज गेंदबाज पैट कमिंस के बिना है जबकि टीम प्रबंधन ने एगर को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए स्वदेश भेज दिया है। लम्बे अंतराल के बाद एगर की टेस्ट टीम में वापसी मैच में एक भी गेंद फेंके बिना समाप्त हो गयी।
ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता टॉनी डोडेमाईदे ने एगर को हटाने के फैसले का बचाव किया है। एगर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के दो मार्च को अगले शेफील्ड शील्ड मैच में और आठ मार्च को मार्श कप फाइनल में खेलेंगे।




