कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री (CM) और सीपीआई (M) नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य का गुरुवार (8 अगस्त) को निधन हो गया। पूर्व सीएम ने 80 साल की उम्र में कोलकाता स्थित घर पर अंतिम सांस ली। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने उनकी मौत की पुष्टि की है।
बुद्धदेव भट्टाचार्य बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थे। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत थी। पिछले कुछ समय से उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। पिछले साल उन्हें निमोनिया भी हो गया था। लाइफ सपोर्ट पर रहने के बाद वे ठीक हो गए थे।
बुद्धदेव को पश्चिम बंगाल की औद्योगिक क्रांती के लिए जाना जाता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी मीरा और बेटी सुचेतना हैं। पद्म भूषण सम्मान लेने से मना करने वाले बुद्धदेव भट्टाचार्य के देहांत पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने दुख जताया।
ठुकरा दिया था पद्म भूषण सम्मान
वर्ष 2022 में 25 जनवरी को बुद्धदेव पद्मभूषण सम्मान ठुकरा कर सुर्खियों में आए थे। केंद्र सरकार ने उनका नाम नामांकित किया था, लेकिन उन्होंने इस सम्मान को लेने से इनकार कर दिया था।
औद्योगिकीकरण नीति को लेकर विवादों में रहे
बुद्धदेव का 11 साल का शासनकाल बंगाल की राजनीति में विभिन्न दृष्टिकोणों से विवादों से भरा रहा। उनकी औद्योगिकीकरण नीति को लेकर काफी राजनीतिक हलचल रही। औद्योगिकीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने ग्रामीण बंगाल के कई इलाकों में लोगों को सड़कों पर उतार दिया था जिसकी वजह से वाम मोर्चा को शासन से हाथ धोना पड़ा था। 2006 में 235 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करने वाले मुख्यमंत्री को पांच साल बाद ही 2011 में करारी हार का सामना करना पड़ा और पश्चिम बंगाल में 34 साल के वाम शासन का अंत हो गया था। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी थीं।
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