नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वे न तो सनातन विरोधी नारे लगा सकते हैं और न ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकते हैं। इसी वजह से कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि गौरव वल्लभ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेटर लिखते हुए गौरव ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों से पार्टी के स्टैंड से असहज महसूस कर रहा हूं। जब मैंने कांग्रेस पार्टी जॉइन की तब मेरा मानना था कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। वहां सभी के आइडिया की कद्र होती है, लेकिन ऐसा नहीं है।
पार्टी का ग्राउंड लेवल कनेक्ट पूरी तरह से टूट चुका है, जो नए भारत की आकांक्षा को बिल्कुल भी नहीं समझ पा रही है। इसी वजह से पार्टी न तो सत्ता में आ पा रही और न ही मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा पा रही हैं। बड़े नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच की दूरी पाटना बेहद कठिन है, जो कि राजनैतिक रूप से जरूरी है। जब तक एक कार्यकर्ता अपने नेता को डायरेक्ट सुझाव नहीं दे सकता तब तक किसी भी प्रकार का सकारात्मक परिवर्तन संभव नहीं है।'




