चंडीगढ़। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की चंडीगढ़ व अमृतसर में मौजूद संपत्ति को जब्त कर लिया है।
एनआईए ने इन संपत्तियों को सील करते हुए अपना बोर्ड लगा दिया है। भारत सरकार ने 2019 में आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत पन्नू के संगठन पर बैन लगाया था।
पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस का मुखिया है। वह कनाडा और दूसरे देशों से लगातार भारत विरोधी बातें करता रहता है। हाल ही में कनाडा-भारत विवाद में उसने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को भी धमकी दी थी।
एनआईए ने शनिवार को अमृतसर के गांव खानकोट में पन्नू की 46 कनाल की प्रॉपर्टी जब्त की है। खानकोट पन्नू का पैतृक गांव है। यह कृषि भूमि है। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 15 में पन्नू का घर है। पहले 2020 में इन्हें अटैच किया गया था। अब एनआईए ने इन्हें जब्त कर लिया है। अब इस संपत्ति की मालिक सरकार बन गई है।
भारत सरकार ने 2019 में आतंकी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत पन्नू के संगठन SFJ पर बैन लगाया। गृह मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा था कि सिखों के लिए रेफरेंडम की आड़ में SFJ पंजाब में अलगाववाद और उग्रवादी विचारधारा का समर्थन कर रहा है।
पन्नू पर साल 2020 में अलगाववाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया। 2020 में सरकार ने SFJ से जुड़े 40 से ज्यादा वेबपेज और यूट्यूब चैनलों को बैन किया।
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