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  • नाना समेत 25 लोग रहे मौजूद

प्रयागराज। उमेश पाल हत्या कांड के आरोपी और माफिया अतीक अहमद के बेटे असद को शनिवार सुबह 10 बजे कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया। नाना हामिद अली समेत 20 से 25 रिश्तेदारों को कब्रिस्तान के अंदर जाने दिया गया। सुपुर्द ए खाक की प्रक्रिया के दौरान कब्रिस्तान की ड्रोन से निगरानी की जाती रही। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए थे।


इससे पहले सुबह 9.30 बजे असद-गुलाम के शवों को झांसी से प्रयागराज लाया गया। असद के शव को घर ले जाए जाने के बजाए सीधा कब्रिस्तान ले जाया गया। कब्रिस्तान में अपर आयुक्त आकाश कुलहरी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौजूद रहा। बाहर पुलिस ने बैरियर लगाया था। उसके आगे मीडिया के लोगों को भी जाने की इजाजत नहीं थी।

 आसपास के लोगों को घरों में रहने की हिदायत दी गई थी। इससे सन्नाटा पसरा रहा। ड्रोन से भी निगरानी की गई। इसका कारण शाइस्ता के आने की सम्भावना थी। कब्रिस्तान के अंदर पुलिस ने रजिस्टर रखा था। उसमें आईडी सहित नाम लिखकर ही कुछ लोगों को अंदर जाने दिया।
 

असद के  पिता अतीक और मां शाइस्ता परवीन जनाजे में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि, अतीक ने बेटे के जनाजे में शामिल होने की कोर्ट में अर्जी दी थी। वहीं, मां शाइस्ता फरार है।

रिश्तेदारों को पुलिस खुद अपनी गाड़ी से लेकर पहुंची। बाकी, स्थानीय लोगों को कब्रिस्तान से करीब 200 मीटर दूर रोक दिया गया। मीडिया को भी एंट्री नहीं दी गई है। इससे पहले, शुक्रवार रात 1.30 बजे पुलिस सुरक्षा में असद और गुलाम के शवों को झांसी से पुलिस और रिश्तेदार लेकर रवाना हुए थे । बता दें कि झांसी में गुरुवार को हुए एनकाउंटर में यूपी STF ने दोनों को मार गिराया था।


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