वाराणसी/ कानपुर। सावन माह के आठवें और अन्तिम सोमवार को भोर से ही पूरे उत्तर प्रदेश में शिव भक्तों की भारी भीड़ शिव मंदिरों के अन्दर व बाहर देखने को मिली। बाबा भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक कर पूजा करने के लिए भक्त अपनी बारी का इन्तजार कर रहें। मंदिर का पट खुलते ही जय शिव शंकर व बम-बम भोले नाथ के जयकारे के साथ ही शिव भक्त गंगा जल एवं दूध से अभिषेक करके पूजा अर्चना कर रहें है।
वाराणसी के काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में जलाभिषेक और दर्शन पूजन के लिए पहुंचे कांवरियों व श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। मंदिर के अंदर और बाहर कतारबद्ध शिवभक्तों पर शहर दक्षिणी के विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी और मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा के नेतृत्व में अफसरों और विशिष्ट जनों ने कतारबद्ध शिवभक्तों पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई।

बाबा दरबार में भव्य स्वागत, सत्कार से आह्लादित श्रद्धालु हर-हर महादेव के उद्घोष से खुशी जताते रहे। अन्तिम सोमवार पर बाबा के दरबार में भीड़ के बेहतर प्रबंधन के चलते पूर्वांह दस बजे तक तीन लाख 25 हजार श्रद्धालु दर्शन पूजन कर चुके थे। सावन के अन्तिम सोमवार को 06 लाख से अधिक श्रद्धालुओें के दर्शन पूजन का अनुमान है।
वहीं कानपुर के परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर मंदिर, वनखंडेश्वर महादेव, सोमनाथ मंदिर, जागेश्वर महादेव समेत सभी मंदिरों में सोमवार भोर से भक्तों की भीड़ लगी हुई है। भक्तों के लिए मंगला आरती के बाद पट खोल दिए गए। बारी-बारी से भक्तों ने पूजा अर्चना कर परिवार की सुख एवं समृद्धि के लिए बाबा का आशीर्वाद मांगा। भक्तों एवं मंदिरों की सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे एवं ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
बाबा आनंदेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह चार बजे मंगला आरती के बाद भक्त बाबा के दर्शन कर रहे हैं। जागेश्वर मंदिर में सावन में प्रतिदिन सुबह चार बजे मंगला आरती होती है। सोमवार को आरती व भोग के बाद भोर से पट भक्तों के लिए खुला। इसी तरह जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ मंदिर, नागेश्वर मंदिर सावन के अंतिम सोमवार के साथ अन्य मंदिरों में शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है।




