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धर्म डेस्क। हिन्दू धर्म में होली पर्व का विशेष महत्व है। ये रंगों का ही पर्व नहीं है, इसका अपना एक विशेष धार्मिक महत्व भी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा तिथि को किया जाता है। इसके दूसरे दिन होली का पर्व मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन 7 मार्च को किया जाएगा और होली 8-9 मार्च को मनाई जाएगी।

 

होलिका दहन 2023 का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषियों के अनुसार होलिका दहन का मुहूर्त 07 मार्च की शाम 06 बजकर 24 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक है। इस दिन होलिका दहन का कुल समय 02 घंटे 27 मिनट तक है। होलिका दहन के दिन 07 मार्च को भद्रा सुबह 05 बजकर 15 मिनट तक है। ऐसे में प्रदोष काल में होलिका दहन के समय भद्रा का साया नहीं रहेगा।

 

होलिका दहन की पूजन विधि 
 
होलिका दहन के दिन होली का पूजा के बाद जल अर्पित करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार अपने घर के किसी बड़े बुजुर्ग व्यक्ति से होलिका की अग्नि प्रज्वलित करवाएं। होलिका की अग्नि में फसल सेंके और मुमकिन हो तो इसे अगले दिन सपरिवार ग्रहण अवश्य करें। कहा जाता है होलिका दहन के दिन किया जाने वाला यह उपाय जो कोई भी व्यक्ति करता है उसके जीवन में निराशा और दुख का साया नहीं आता है. साथ ही उस व्यक्ति के  परिवार के सभी लोग हमेशा रोगों से मुक्त स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीते हैं। 


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