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देव गुरु बृहस्पति 1 अप्रैल से 3 मई तक अस्त रहेंगे

ग्वालियर। विवाह की शहनाइयां 14 मार्च तक ही गूंजेगी। इसके बाद मांगलिक कार्यों पर 30 अप्रैल तक विराम लग जाएगा। अप्रैल में शादी के लिए कोई मुहूर्त नहीं होगा। यह जानकारी बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य डॉं. सतीश सोनी ने दी है।

ज्योतिषी के अनुसार 15 मार्च को जब सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास लग जाएगा। यानी 15 मार्च से लेकर 14 अप्रैल तक खरमास के चलते एक बार फिर शादी विवाह के कार्यक्रम रुक जाएंगे।

अप्रैल के पूरे महीने शादी विवाह बंद रहेंगे। क्योंकि देव गुरु बृहस्पति 1 अप्रैल से 3 मई तक अस्त रहेंगे। इसके बाद ही शादी विवाह के कार्यक्रम होना शुरू हो सकेंगे, लेकिन 23 अप्रैल रविवार को अक्षय तृतीया के मुहूर्त पर शुभ कार्य शादी विवाह अवश्य ही होगा, क्योंकि इस दिन को शास्त्रों में सभी शुभ कार्य करने के लिए अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस दिन मुहूर्त निकालने के लिए समय की आवश्यकता नहीं होती। बिना मुहूर्त सभी तरह के शुभ कार्य किया जा सकते हैं।

आगामी विवाह शुभ मुहूर्त इस प्रकार

  • मई 4, 7, 11, 12, 17, 21, 22, 26, 29, 31
  • जून 3,5,7,8,9, 12,14, 18, 22, 23, 25, 28

29 जून से विवाह फिर होंगे बंद

  • 29 जून को देवशयनी एकादशी से चतुर्मास आरंभ हो जाएगा। इसके चलते चार माह के लिए विवाह फिर से बंद हो जाएंगे।

23 नवंबर से फिर से शुरू

  • 23 नवंबर देवउठनी एकादशी से फिर से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे।
  • नवंबर में 23 तारीख, 24 तारीख, 27 तारीख, 28 तारीख, 29 तारीख।
  • दिसंबर में 3 तारीख, 4 तारीख, 7 तारीख, 8 तारीख, 9 तारीख को विवाह मुहूर्त रहेगा।
     


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