धर्म डेस्क। Shardiya Navratri: शारदीय नवरात्रि का पर्व तीन अक्टूबर दिन गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाएगी। पूरे नौ दिनों तक श्रद्धालु माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना करेंगे। अष्टमी व नवमी का व्रत 11 अक्टूबर को होगा। इसी दिन कन्या पूजन व हवन भी किया जाएगा। 12 अक्टूबर को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा।
इस बार माता का आगमन पालकी पर व गमन मुर्गा पर हो रहा है। अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर को सुबह सात बजकर 29 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 11 अक्टूबर को सुबह छह बजकर 52 मिनट पर होगा। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 12 अक्टूबर की सुबह पांच बजकर 47 मिनट तक रहने वाली है।
इस बार सप्तमी और अष्टमी तिथि एक ही दिन पड़ रही है। ऐसी स्थिति में अष्टमी व्रत करना शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में इस बार अष्टमी और नवमी का व्रत एक ही दिन यानी शुक्रवार 11 अक्टूबर को किया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि निशा पूजा 10 अक्टूबर की रात्रि में होगी।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
इस बार कलश स्थापना का समय सुबह 6:15 बजे से शाम 7:22 बजे तक रहेगा. इसके अलावा कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में भी की जा सकती है. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। तो समय होगा 47 मिनट.
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