डेस्क। आजकल ज्यादातर लोग डिजिटल चीजों को अपने लाइफ में उतार रहे हैं। देखा जाए तो है व्यक्ति ऑनलाइन शॉपिंग , या पेमेंट करना और कई तरह के कामों को ऑनलाइन करता है। इसलिए हमें अपने आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल ध्यान से करना चाहिए। कोई एक गलती आप पर भारी पड़ सकती है। बता दें कि स्थायी खाता संख्या (पैन) आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर है। कोई भी नागरिक इसके लिए आवेदन कर सकता है। पैन कार्ड आयकर विभाग को किसी व्यक्ति के सभी लेनदेन को लिंक करने में सक्षम बनाता है। पैन कार्ड की मदद से टैक्स भुगतान, टीडीएस और टीडीएस क्रेडिट, रिटर्न ऑफ इनकम और अन्य ट्रांजेक्शन की जानकारी हासिल की जा सकती है।
टैक्स चुकाने वाले लोगों के लिए पैन कार्ड बहुत जरूरी है। हालांकि, अब पैन कार्ड बड़े लेनदेन, किसी योजना के लाभ, पेंशन और बैंक खाता खोलने आदि के लिए भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। वहीं आधार कार्ड की बात करें तो यह 12 अंकों की एक पहचान संख्या है, जिसका इस्तेमाल भारत में कहीं भी पहचान के लिए किया जा सकता है।
अगर आपको पैन कार्ड से जुड़ी कोई समस्या है तो आप एनएसडीएल से संपर्क कर इसे ठीक करवा सकते हैं। पैन कार्ड आज भारत में किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए आवश्यक है। बैंक खाता खोलने से लेकर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने, प्रॉपर्टी खरीदने से लेकर इंश्योरेंस पॉलिसी लेने तक, हर चीज के लिए पैन कार्ड की जरूरत होती है।
पैन कार्ड लोगों के जरूरी दस्तावेजों में से एक है, इसे सुरक्षित रखना कार्ड धारक की जिम्मेदारी है और यह जरूरी भी है। डिजिटल दुनिया के इस दौर में साइबर क्राइम से जुड़े मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि पैन कार्ड के साथ सभी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं।
पैन कार्ड फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
- पैन कार्ड को सुरक्षित रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब तक आवश्यकता न हो, पैन कार्ड से संबंधित विवरण किसी के साथ साझा न करें। पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना जरूरी है। जब भी किसी ऑनलाइन वेबसाइट या फॉर्म में पैन कार्ड की डिटेल्स भरने की जरूरत हो तो सबसे पहले उस वेबसाइट की वैलिडिटी चेक कर लें।
- यदि कहीं पैन कार्ड विवरण की आवश्यकता है और आपको इसके लिए अनुरोध प्राप्त होता है, तो पहले अनुरोध की वैधता की जांच करें। जानकारी तब तक साझा न करें जब तक आप सुनिश्चित न हों कि किसी वैध संगठन द्वारा जानकारी मांगी जा रही है।
- अपनी बैंक डिटेल्स और क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट्स को नियमित रूप से चेक करते रहें, ताकि अगर आपके बैंक अकाउंट में कोई छेड़छाड़ होती है तो आपको इसकी जानकारी समय रहते मिल सके. किसी भी धोखाधड़ी की जानकारी होने पर बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को इसकी सूचना दें।
- पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर में सेव न करें, क्योंकि अगर आपका डिवाइस हैक या चोरी हो गया तो इसकी कीमत आपको चुकानी पड़ सकती है। इसकी डिटेल्स अपने पास रखने के लिए आप इसकी फिजिकल कॉपी अपने पास रख सकते हैं।
Read More: AC, TV और स्मार्टफोन के बढ़ने वाले हैं दाम, जेब पर पड़ने वाली है महंगाई की मार




