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बांदा । उत्तर प्रदेश की बांदा जिला जेल में बंद माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की मौत के मामले की  न्यायिक जांच होगी। जिलाधिकारी की संस्तुति पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने जांच का आदेश दिया।

इससे पहले शुक्रवार को 3 डॉक्टरों के पैनल सहित 5 लोगों की टीम ने मुख्तार अंसारी के शव का पोस्टमॉर्टम किया। सुबह 11 बजे शुरू हुआ पोस्टमॉर्टम दोपहर 1.30 बजे तक चला। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत की वजह दिल का दौरा बताई गई है। शाम 5 बजे मुख्तार अंसारी का पार्थिव शरीर बांदा से गाजीपुर रवाना हो गया। शनिवार को काली बाग कब्रिस्तान में पूर्व विधायक के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

इसी बीच मुख्तार के बेटे उमर ने डीएम को पत्र लिखा। उसमें मांग की गई है कि पिता मुख्तार के शव का दिल्ली एम्स  में पोस्टमार्टम कराया जाए। हमारे परिवार को बांदा की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।

जहर दिए जाने का आरोप

मुख्तार अंसारी के वकील ने 19 मार्च को बाराबंकी कोर्ट में मुख्तार को खाने में जहर दिए जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद 25 मार्च को रात में अचानक मुख्तार अंसारी की जेल में तबीयत बिगड़ी। इसे 26 मार्च को तड़के चार बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी की गई बुलेटिन में उसे साधारण कब्ज की बीमारी से पीड़ित बताया गया। 14 घंटे बाद उसे स्वस्थ बताते हुए पुनः शाम को लगभग 6.15 बजे मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कर दिया गया।

अचानक बिगड़ी थी तबियत

मेडिकल कॉलेज से मुख्तार को लाकर उसे जेल के अस्पताल में रखने के बजाय तन्हाई वाले बैरक में शिफ्ट किया गया। 27 मार्च को डॉक्टरों की टीम ने जेल में पहुंचकर मुख्तार की जांच की और उसकी हालत में सुधार बताया। इसके बाद 28 मार्च को अचानक मुख्तार अंसारी की तबीयत फिर बिगड़ गयी। बीमारी की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी जेल पहुंचे। करीब 40 मिनट तक जेल में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। इसके बाद एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां देर रात हार्ट अटैक से मुख्तार की मौत हो गई।

अफजाल ने की थी रेफर करने की मांग

मुख्तार अंसारी के भाई सांसद अफजाल अंसारी जब 26 मार्च को उन्हें देखने मेडिकल कॉलेज आए थे तो उन्होंने मांग की थी कि अगर मुख्तार का समुचित इलाज यहां नहीं हो पा रहा तो उन्हें रेफर कर दिया जाए। हम अपने खर्च पर उनका इलाज करायेंगे। इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इस तरह देखा जाए तो इसमें मेडिकल कॉलेज की लापरवाही साफ नजर आती है।

कोर्ट ने मांगी थी तबियत बिगड़ने की रिपोर्ट

वहीं, इस मामले में एमपीएमएलए कोर्ट ने जेल अधीक्षक से मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने की रिपोर्ट 27 मार्च को मांगी थी, जिसमें 29 मार्च तक रिपोर्ट देने की बात कही गई थी। अब सीजेएम ने मुख्तार की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए एमपी एमएलए कोर्ट की मजिस्ट्रेट गरिमा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम को एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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पूरे राज्य में शांति कायम है: एडीजी
उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून एवं व्यवस्था, अमिताभ यश ने कहा, "आज 'जुम्मे की नमाज' और कल बांदा जेल में हुई घटना को देखते हुए पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। कई जिलों में अतिरिक्त बल भेजे गए हैं। सभी को शांति बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। पूरे राज्य में शांति कायम है। कहीं कोई समस्या नहीं है।"

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कृष्णानंद राय की पत्नी बोलीं- बाबा विश्वनाथ की कृपा से आज मुझे न्याय मिला 

वाराणसी। माफिया मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूर्व विधायक दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ की कृपा से आज मुझे न्याय मिला है। हमको तो बाबा विश्वनाथ पर ही भरोसा था। ये भगवान का न्याय है। कई अनाथ परिवारों को भी सुकून मिला होगा। सीबीआई कोर्ट से भी हम लोग मुकदमा हार गए थे। गौरतलब हो कि वर्ष 2005 में विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में मुख्तार अंसारी मुख्य आरोपित था। स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चले मुकदमें में वह बरी हो गया था।

 


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