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गाजीपुर। माफिया और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी सुपुर्द-ए-खाक हो गये। शनिवार सुबह मुख्तार के  पार्थिव शरीर को उनके पैतृक कब्रिस्तान कालीबाग में मां की कब्र के बगल में ही दफन किया गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

कब्रिस्तान के गेट के सामने डीएम और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे जो लोगों को अंदर जाने से रोक रहे थे। इसमें मुख्तार के परिवार के लोग भी जिला प्रशासन का सहयोग कर रहे थे। मुख्तार के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग कब्रिस्तान के बाहर मौजूद रहे, जिन्हें हटाने में प्रशासन को काफी जदोजहद करनी पड़ी। वहीं, पिता की कब्र के पास काफी देर तक बेटा उमर बैठा रहा। मुख्तार के करीबी लोग उसे मिट्टी देने के लिए पहुंचे।

कब्रिस्तान के बाहर उमड़ी भरी भीड़

 

मुख्तार की कब्र और सुपुर्द-ए-खाक कराने को लेकर कब्रिस्तान के व्यवस्थापक अफरोज ने बताया कि मुख्तार अंसारी को दफनाने के लिये कब्रिस्तान यूसुफपुर मोहम्मदाबाद में काली बाग कब्र तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि 7.5 फिट लम्बी, 3.5 फिट चौड़ी, पांच फिट गहरी कब्र बनायी गयी है। हिन्दू मजदूरों गिरधारी, संजय और नगीना ने मुख्तार की कब्र को तैयार किया है।

बेटे उमर ने मुख्तार की मूछों पर दिया ताव

पिता की मूूंछों पर अंतिम बार ताव देता उमर अंसारी

जनाजा निकलने से पहले मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने अपने पिता के अंतिम दर्शन किए और चेहरे पर ढकी चादर हटाकर उनकी मूछों पर वही ताव दिया जिसके लिए मुख्तार पहचाने जाते थे। यहां से कड़ी सुरक्षा के बीच जनाजा पैतृक कब्रिस्तान यूसुफपुर मोहम्मदाबाद में काली बाग पहुंचेगा। जहां पर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया जाएगा।

शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा भी पहुंचा

मुख्तार अंसारी की जड़े कितनी गहरी थी कि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार को उनके जानजे में शामिल होने के लिए बिहार के बाहुबली रहे शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा पहुंचा। उसने परिजनों से मिलकर अपना गम जताया।


 


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