धर्म डेस्क। Yogini Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत एक बहुत महत्व है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और सुख-शांति व समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) कहते हैं। यह एकादशी भक्तों के सभी पापों को दूर कर जीवन में खुशहाली और सौभाग्य लाती है।
मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हज़ार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य फल मिलता है और सभी रोगों से मुक्ति मिलती है। इस बार योगिनी एकादशी 21 जून को पड़ रही है। आइए जानते हैं कि इस दिन कैसे करें पूजन और किन उपायों व दान से पाएं सुख-समृद्धि:
व्रत की विधि और महत्व
स्नान और संकल्प: एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ वस्त्र धारण करें। इसके बाद, व्रत रखने का संकल्प लें।
भगवान विष्णु की पूजा: घर के पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं। पीले फूल, पीली चंदन, फल, और पीली मिठाइयां (जैसे बेसन के लड्डू) अर्पित करें।
आरती और मंत्र जाप: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना भी बहुत शुभ माना जाता है। धूप-दीप से भगवान की आरती करें।
निर्जल व्रत: कई भक्त इस दिन निर्जल व्रत (बिना पानी के) रखते हैं। अगर ऐसा संभव न हो, तो आप फलाहार कर सकते हैं। अन्न और चावल का सेवन इस दिन वर्जित होता है।
पारणा (व्रत खोलना): एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी को शुभ मुहूर्त में करें। पारणा करते समय पहले दूध और फल ग्रहण करें, फिर अन्न (जैसे खिचड़ी) खाकर व्रत पूरा करें।
इन वस्तुओं का करें दान
योगिनी एकादशी पर अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार कुछ चीजों का दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है:
पीली वस्तुएं: भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है। इस दिन पीले वस्त्र, पीले फल (जैसे आम, केले), बेसन के लड्डू, या पीले अनाज (जैसे चना दाल, मूंग दाल) का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इससे धन-समृद्धि बढ़ती है।
घी और मिठाइयां: घी, और दूध से बनी मिठाइयों का दान करने से जीवन में सुख और खुशहाली आती है।
तिल: तिल का दान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है।




