लाइफ स्टाइल। होली (Holi 2023) रंगों का त्योहार है। यह त्योहार हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसमें कुछ ही दिन बाकी हैं। कई लोग सब्जियों, पौधों और फूलों से बने प्राकृतिक रंगों को लगाकर इस त्योहार को मनाते हैं। लेकिन वर्तमान में होली में इस्तेमाल होने वाले रंग केमिकल से बनाए जाते हैं। ये रंग सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। इससे कई लोगों को आंखों और त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
वहीं आजकल रंग पाउडर तैयार करने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री अभ्रक, चाक धूल, सिलिका आदि से बनाई जाती है। फिर इन रंगों को रंगीन पेस्ट बनाने के लिए इंजन ऑयल या घटिया तेल के साथ मिलाया जाता है। ये सभी रसायन त्वचा, आंखों और श्वसन प्रणाली के लिए हानिकारक होते हैं। एक आई हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और कॉर्निया सलाहकार ने बताया कि रंग खेलते समय हमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। आइये जानते है -
रंगों से आंखों में परेशानी हो सकती है
जब आप रंग खेल रहे हैं तो आंखों का बचाव करें। आँखों में रंग पड़ने से एलर्जी हो सकती है। होली में लगाए जाने वाले रंग से आपको आंखों की पलकों में सूजन, आंखों में जलन आदि समस्याएं हो सकती हैं। केवल पेंट ही नहीं, बल्कि पेंट स्प्रेयर और पानी के बुलबुले जैसी वस्तुएं भी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
होली खेलते समय आंखों की देखभाल ऐसे करें -
- होली खेलते समय प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें।
- होली खेलते समय चश्मा लगाएं।
- रंगीन पानी को अपनी आंखों में जाने से रोकने के लिए अपने बालों को बांध लें या टोपी पहन लें।
- अगर कोई आपको रंग लगा रहा है तो अपनी आंखें बंद कर लें।
- कभी भी आंखों में कॉन्टेक्ट लेंस लगाकर होली न खेलें क्योंकि रंग आंखों और लेंस के बीच फंस जाते हैं, जिससे आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
- अगर रंग या पानी मिला हुआ रंग आंखों में चला जाए तो आंखों को मलें नहीं। तुरंत साफ पानी से ही आंखों को धोएं।
नोट : यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. रंग का इस्तेमाल करने और इससे संबंधित जानकारी के लिए विशेषज्ञ की राय जरूर लें।




