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धर्म डेस्क।  Ganesh Chaturthi: पूरे देश में आज यानी बुधवार को गणेश चतुर्थी ( Ganesh Chaturthi) मनाई जा रही है। हर तरफ बस  हर तरफ 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे की गूंज हैं। अगर आप भी  अपने घर में गणपति बप्पा को विराजने वाले हैं, तो आइए जानते हैं कि किस शुभ मुहूर्त में, किस विधि से और किन मंत्रों के साथ आपको विघ्नहर्ता का स्वागत करना है, ताकि उनकी कृपा आप पर और आपके परिवार पर  बनी रहे।

शुभ मुहूर्त

शास्त्रों और पंचांग के अनुसार, गणेश प्रतिमा की स्थापना का शुभ समय सुबह 11:05 से दोपहर 12:42 तक है। लेकिन दोपहर 12:22 से राहुकाल शुरू हो जाएगा, जो अशुभ माना जाता है। इसलिए गणपति स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा पूजन के लिए सबसे उत्तम समय 11:05 से 12:22 बजे तक रहेगा।

पूजा की विधि

पूजा विधि:

1.सबसे पहले, जहां मूर्ति स्थापित करनी है, उस जगह को गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें।

2.एक साफ पाटे या चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।

3."ॐ गं गणपतये नमः" का जाप करते हुए गणपति जी की मूर्ति को चौकी पर विराजित करें।

4.बप्पा को स्नान कराएं (पहले जल, फिर पंचामृत और फिर शुद्ध जल से)। अगर मूर्ति मिट्टी की है, तो बस फूल से जल के छींटे दें।

5.उन्हें सुंदर वस्त्र पहनाएं और जनेऊ अर्पित करें।

6.अब तिलक लगाएं, फूल, माला, दूर्वा (21 गांठें), सिंदूर और अक्षत (चावल) अर्पित करें।

7.बप्पा के सबसे प्रिय मोदक या लड्डुओं का भोग लगाएं। साथ में फल भी रखें।

8.दीपक और अगरबत्ती जलाएं और फिर नीचे दी गई आरती गाकर बप्पा की स्तुति करें।

गणपति का शक्तिशाली मंत्र

पूजा करते समय या दिन में कभी भी, इस सरल मंत्र का जाप करते रहें। यह सभी विघ्नों को दूर करने वाला माना जाता है:
"ॐ गं गणपतये नमः"
(अर्थ: हे गणपति! मैं आपको नमन करता हूँ।)


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