हेल्थ/ लाइफस्टाइल। बार बार भूल जाने की आदत अल्जाइमर रोग (Alzheimer) का संकेत हो सकता है. यह रोग डिमेंशिया का ही एक सामान्य प्रकार है. यह दिमाग के उस हिस्से में होता है जो अनुभव, याददाश्त (Memory) और भाषा के लिए जिम्मेदार होता है।

अल्जाइमर की शुरुआत स्मरण शक्ति कमजोर होने से होती है, जो धीरे-धीरे प्रतिक्रिया देने और बातचीत करने की क्षमता खोने तक बढ़ती जाती है. इस रोग से ग्रसित लोग शुरुआत में अपनी याददाश्त खोने लगते हैं और आखिर में अपनी बातचीत करने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी खो देते हैं।
अल्जाइमर का खतरा कम करने के टिप्स
नियमित एक्सरसाइज करें: यह हमेशा देखा गया है कि फिजिकल एक्टिविटी का मेंटल हेल्थ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट तक एक्सरसाइज करके अल्जाइमर के खतरे को कम किया जा सकता है.
संतुलित आहार: संतुलित आहार यानी बैलेंस डाइट लेने से अल्जाइमर के खतरे को कम किया जा सकता है. अपने आहार में हरी सब्जियों, साबुत अनाज, फैट, लीन प्रोटीन और ताजे फलों को शामिल करें. इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जो सेहत और दिमाग के लिए फायदेमंद माने जाते है. इसके साथ ही एक्स्ट्रा शुगर, सैचुरेटेड फैट और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें.
पर्याप्त नींद लें: दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अच्छी नींद लेना. कम सोने से स्मरण शक्ति प्रभावित होती है. पर्याप्त नींद न लेने वाले व्यक्ति के ऊपर अल्जाइमर से ग्रसित होने का जोखिम बढ़ जाता है. इसलिए रोजाना रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें.
लोगों से मिले-जुलें: कभी भी अकेले न रहें, अपनी सोशल लाइफ को एक्टिव रखें, नियमित रूप से लोगों से मिले-जुलें, अपने दोस्तों और परिवार वालों के संपर्क में रहें. इससे आपका दिमाग एक्टिव रहेगा और आप के सीखने औप निर्णय लेने की क्षमता में बढोतरी होगी. ऐसे क्लबों और ग्रुपों से जुड़ें जिनसे आपकी रुचि मेल खाती हो.
स्ट्रेस से बचें: ज्यादा समय तक रहने वाला तनाव मस्तिष्क स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है. अल्जाइमर रोग के खतरे को कम करने के लिए ध्यान, प्राणायाम और योग जैसी तनाव कम करने वाली एक्टीविटीज करें.
(नोट- यह लेख सिर्फ आप की जानकारी के लिए है। इसमें बताई गई टिप्स आजमाने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें। )
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