हेल्थ डेस्क। Health News: फास्ट फूड या जिसे आम भाषा में लोग जंक फूड भी कहते हैं वह बांझपन का बड़ा कारण बन रहा है। पास्ता,पिज्जा, बर्गर और नूडल्स आदि अधिक खाना और टीवी से चिपके रहने से शरीर का वजन बढ़ रहा है। जरूरी है कि किशोरावस्था से ही लड़कियों को सही जीवन शैली और नियंत्रित खानपान के बारे में जागरूक किया जाए, जिससे उन्हें आगे चलकर होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के अनुसार खानपान में लापरवाही और व्यायाम से दूर रहने के कारण ये महिलाओं में मोटापा बढ़ रहा है। इसी के चलते लोगों में गठिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, सोते समय सांस रुकना, हार्ट अटैक जैसी बीमारियां हो रही हैं।
महिलाओं में यह बीमारियां अन्य बीमारियों के साथ बांझपन (infertility) भी बढ़ा रही हैं। माहवारी में अनियमितता और फिर अचानक बंद हो जाना या फिर अंडाणु का न बनना भी इसी जीवनशैली की देन है।
शुरुआत में इन अनियमितताओं पर ध्यान न देने से परिवार बढ़ाने की इच्छा के समय बांझपन के रूप में परिणाम सामने आ रहे हैं। यदि जितना भोजन लिया जा रहा है, उसके अनुसार एक्सरसाइज की जाए तो शरीर फिट रहता है। जंक फूड पर निर्भरता छोड़कर हरी सब्जियां, दाल, फल का सेवन करना भी बीमारी को दूर रखता है।
जंक फूड का सेवन महिलाओं में मधुमेह दिक्कतें बढ़ा रहा है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु को दिक्कत हो सकती है।
जंक फूड से महिलाओं में होने वाले नुकसान
- जंक फूड काफी भारी खाना होता है, और अगर गर्भवती महिलाएं इसका सेवन करती हैं, तो इससे उनका वजन बढ़ सकता है। वहीं ज्यादा वजन बढ़ने के कारण महिलाओं में प्रीमैच्योर डिलीवरी, प्री-एक्लेम्पसिया और मिसकैरेज जैसे जोखिम बढ़ जाते है।
- जब बच्चा मां के पेट में होता है, तो उसका सही विकास हो सके तो इसके लिए उसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। लेकिन अगर गर्भवती महिला जंक फूड का सेवन कर रही है, तो इससे उन्हें मिनरल्स, विटामिन, प्रोटीन, हेल्डी फैट्स और अमीनो एसिड जैसे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
-जंकफूड में तेल, चीनी, फैट और कैलोरी की उच्च मात्रा होती है। ऐसे में ज्यादा जंक फूड खाने से वजन तेजी से बढ़ता है और क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं का वजन वैसे भी बढ़ रहा होता है, तो जंक फूड इसे और बढ़ा देता है। महिलाओं को इससे कई सहेत से जुड़ी समस्याएं तो होती ही है साथ में डिलीवरी के वक्त कॉम्प्लिकेशंस आने का भी रिस्क रहता है।
- लड़कियों में जंक फूड का सेवन करना, फ्रोजन फूड का इस्तेमाल करना, रातभर जगना और दिन में सोना, अनियमित पीरियड्स (पीसीओडी) का कारण बन रहा है। । स्मोकिंग-ड्रिकिंग जैसी अनियमित लाइफस्टाइल भी इसकी बड़ी वजह है। इसलिए कितना भी बिजी शेड्यूल हो अपने लिए समय निकालें, व्यायाम करें। मैदा काफी हार्मफुल होती है इसलिए जंक फूड को अवॉयड करें।
-नूडल्स, चाउमीन, पास्ता जैसी चाइनीज डिशेज में मैंदा होता है. ये आंतों को नुकसान पहुंचाता है. साथ ही ऐसे खाने से हार्ट प्रॉब्लम्स होने लगती हैं.
-बर्गर पिज्जा हाई कैलोरी वाले फूड हैं, और इनमें मैदे का इस्तेमाल भी होता है, इसलिए इन्हें ज्यादा खाने से बचना चाहिए.
-सॉस और मियोनी तो आजकल हर डिश में इस्तेमाल की जाती हैं, पर इनसे बहुत जल्दी कोलेस्ट्ऱॉल बढ़ता है.
(नोट- यह लेख सिर्फ आप की जानकरी के लिए है। अगर आप को कोई स्वास्थ से जुड़ी समस्या है तो पहले डॉक्टर की सलाह लें। )
Read More: NEET की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी




