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- सभी सदस्य देशों की सहमती के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ऐलान
- अफ्रीकन यूनियन बना जी20 का स्थायी सदस्य
-भारत के प्रस्ताव का चीन और यूरोपियन यूनियन ने भी किया समर्थन  


नई दिल्ली । जी20 समिट ( G20 SUMMIT) के पहले दिन शनिवार को ही नई दिल्ली घोषणापत्र को मंजूरी मिल गई।  समिट के दूसरे सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बतौर अध्यक्ष यह जानकारी दी। उन्होंने सभी सदस्य देशों की सहमति से नई दिल्ली घोषणापत्र पाारित कर दिया ।  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि सभी देशों ने नई दिल्ली के घोषणा पत्र को मंजूर किया है। वहीं, निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमें चुनौतिपूर्ण समय में अध्यक्षता मिली। घोषणा पत्र में यूक्रेन जंग का 4 बार जिक्र हुआ है।

इससे समिट के पहले सत्र में भारत ने अफ्रीकन यूनियन को जी20 का स्थायी सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा था। बतौर अध्यक्ष सभी देशों की सहमति से पीएम मोदी ने जैसे ही इसे पारित किया, अफ्रीकन यूनियन के हेड अजाली असोमानी जाकर पीएम मोदी के गले लग गए। भारत के प्रस्ताव का चीन और यूरोपियन यूनियन ने भी समर्थन किया। यूनियन को मेंबरशिप मिलने से अफ्रीका के 55 देशों को फायदा होगा।

मोदी बोले- कोरोना के बाद दुनिया में भरोसे का संकट पैदा हुआ
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्घाटन भाषण में मोरक्को भूकंप में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा दुख की घड़ी में हम मोरक्को के लोगों के साथ हैं और उनकी हरसंभव मदद करेंगे। मोदी ने कहा कि कोरोना के बाद विश्व में विश्वास का संकट पैदा हो गया है। युद्ध ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। जब हम कोरोना को हरा सकते हैं तो आपसी चर्चा से विश्वास के इस संकट को भी दूर सकते हैं। ये सभी के साथ मिलकर चलने का समय है।

प्रधानमंत्री ने कहा- आज हम जिस जगह इकट्ठा हुए हैं, यहां कुछ किमी दूर ढाई हजार साल पुराना स्तंभ है। इस पर प्राकृत भाषा में लिखा है कि मानवता का कल्याण सदैव सुनिश्चित किया जाए। ढाई हजार साल पहले भारत की धरती ने यह संदेश पूरी दुनिया को दिया था। 21वीं सदी का यह समय पूरी दुनिया को नई दिशा देने वाला है।

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दिल्ली घोषणापत्र की अहम बातें…….

— सभी देश सस्टेनेबल डेवलेंपमेंट गोल पर काम करेंगे। भारत की पहल पर वन फ्यूचर एलायंस बनाया जाएगा।
— सभी देशों को यूएन चार्टर के नियमों के मुताबिक काम करना चाहिए।
— बायो फ्यूल एलायंस बनाया जाएगा। इसके फाउंडिंग मेंबर भारत, अमेरिका और ब्राजील होंगे।
— एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य पर जोर दिया जाएगा।
— मल्टीलेट्रल डेवलेपमेंट बैंकों को मजबूती दी जाएगी। उन्हें बेहतर, बड़ा और ज्यादा कारगर बनाया जाएगा।
— ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर जोर दिया जाएगा।
— क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक ग्लोबल पॉलिसी बनाने को लेकर बातचीत की जाएगी।
— कर्ज को लेकर बेहतर व्यवस्था बनाने को लेकर भारत ने कॉमन फ्रेमवर्क बनवाने की बात पर जोर दिया है।
— दुनिया में तेजी से विकास करने वाले शहरों को फंड किया जाएगा।
— ग्रीन और लॉ कार्बन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर काम किया जाएगा।
— सभी देशों ने आतंकवाद के हर रूप की आलोचना की है। आतंकवाद का 9 बार जिक्र किया गया था।
 


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