नई दिल्ली। कंजेक्टिवाइटिस (Conjunctivitis ) या आई फ्लू का संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में लेने लगा है । आमतौर पर बारिश के मौसम में इसके मामले बढ़ते हैं। कंजक्टिवाइटिस क्या है, कैसे पनपता है और इससे बचाव के क्या तरीके हैं. इस बारे में भी जान लीजिए।
कंजक्टिवाइटिस क्या है
कंजक्टिवाइटिस, कंजंक्टिवा (आंख का सफेद हिस्सा) की सूजन है. कंजक्टिवाइटिस के वातावरण में बैक्टीरिया या वायरल होते हैं. कभी-कभी लोगों को यह एलर्जी की की प्रतिक्रिया के माध्यम से भी हो सकता है।
आई फ्लू के लक्षण
-आई फ्लू होने पर आंखें लाल दिखने लगती हैं.
-आंखों में दर्द होने लगता है.
-आंखों से पानी निकलता है.
-आंखों की ऊपरी परत धुंधली हो जाती है और उसपर चिपचिपा पदार्थ नजर आने लगता है.
ये सावधानियां बरतें
- -आई फ्लू होने पर आंखों को बार-बार छूने से परहेज करना चाहिए.
- स्कूल जाने वाले बच्चों को अगर आई फ्लू हो गया है तो 3 से 5 दिन बच्चों को घर में ही रहने के लिए कहें.
- आंखों में कंजेक्टिवाइटिस की दवा डालें और जब इंफेक्शन (Eye Infection) कम होने लगे तब ही घर से निकलें या लोगों से मिलें.
- आई फ्लू कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है. बहुत गंभीर स्थिति में यह 10 से 14 दिनों या फिर एक महीने तक रह सकता है. बैक्टीरियल पिंक आई इंफेक्शन है तो 10 दिन तक दिक्कत कर सकता है.
- आंखों को बार-बार रगड़ने से परहेज करें. अपने पास साफ टिशू पेपर या रुमाल रखें और आंखों से निकले पानी को उससे साफ करें. आखें रगड़ने से बचें क्योंकि इससे दिक्कत बढ़ सकती है.
- गर्म रुमाल को आंखों पर रखने से आराम मिल सकता है. आंखों में हो रही दिक्कत गर्म सिंकाई से कम होती है.
- आंखों के आस-पास किसी भी तरह का मेकअप करने से बचें. खासकर ब्रश या आइशैडो वगैरह आंखों के पास ना लेकर आएं.
- आंखों की सही तरह से सफाई करना जरूरी है. इसलिए आंखों को गंदे हाथों से बार-बार छूने से भी बचें. रोज नहाएं और आंखों को पानी से साफ करें.
- जिन लोगों को कंजेक्टिवाइटिस है उनके करीब आने से परहेज करें ताकि आपकी आंखें संक्रमित ना हों.
- अन्य लोगों की चीजें इस्तेमाल करने से परहेज करें.
Read More: NEET की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी




