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•    एनसीवीबीडी की संयुक्त निदेशक डॉ. रिंकू शर्मा के नेतृत्व में टीम ने रायबरेली व फतेहपुर के कई प्रमुख स्थानों का किया दौरा 
•    सुपरवाइजरी विजीट बढ़ाने और रेफ्यूजल केसों पर दैनिक आधार पर काम करने का दिया सुझाव  

लखनऊ। दिल्ली से आई तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने उत्तर प्रदेश (UP ) में चल रहे सर्वजन दवा सेवन (MDA) अभियान की गहन समीक्षा की। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडी) की संयुक्त निदेशक डॉ. रिंकू शर्मा की अध्यक्षता में टीम ने रायबरेली और फतेहपुर के प्रमुख स्थानों का दौरा किया। टीम को संतोषजनक परिणाम देखने को मिले। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के.चौधरी ने बताया कि केंद्रीय टीम ने सुपरवाइजरी विजीट बढ़ाने और रेफ्यूजल केसों पर दैनिक आधार पर काम करने का सुझाव दिया।  

तीन दिवसीय दौरे पर आई इस केंद्रीय टीम में डॉ. रिंकू के अलावा तकनीकी सहायता इकाई, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के विशेषज्ञ शामिल थे। केंद्रीय टीम ने रायबरेली के बछरावां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दौरा किया, जो स्थानीय आबादी के लिए अहम स्वास्थ्य सेवा केंद्र है। इसके अलावा, बछरावां स्थित इचौली-सुभाष खेड़ा व रामपाल खेड़ा गांव का भ्रमण किया। हरचंदपुर सीएचसी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँव डिघौरा का भी दौरा किया।

बछरावां सीएचसी में चिकित्सा अधीक्षक डॉ अर्पिता श्रीवास्तव ने माइक्रो प्लान प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि सीएचओ-पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफार्म (पीएसपी) के साथ पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बूथ स्थापित किए गए थे और चार अतिरिक्त बूथ उपलब्ध थे।  

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. रिंकू ने स्थानीय हितधारकों और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से समुदाय को जोड़ने में स्वास्थ्य प्रणाली के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अनुपालन और दवा सेवन में प्रगति को स्वीकार किया  लेकिन इनकार करने वालों को संबोधित करने की आवश्यकता पर बल दिया। टीम ने राही आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी दौरा किया और पाया कि फ्रंटलाइन कार्यकर्ता व पीएसपी सदस्य लोगों को समझा-बुझाकर दवा खिलाने की कोशिश में लगे हैं।

एम्स रायबरेली के कम्युनिटी मेडिसिन विभाध्यक्ष डॉ. भोलानाथ ने पुष्टि की कि "हालांकि 2022-2024 से बड़े पैमाने पर दवा प्रशासन पर जागरूकता फैलाने के बढ़े हुए प्रयासों ने 65-70% कवरेज हासिल करने में मदद की है। शेष 30% तक पहुंचने के लिए उचित संदेश का उपयोग करके अधिक इनकार करने वालों जैसे कि वृद्ध और पुरुष व्यक्तियों वाली आबादी को लक्षित करने के लिए गहन प्रयासों की आवश्यकता होगी।"

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि अभियान के दौरान दवा खाने से इनकार करने वालों को देखते हुए सीडीओ ने सभी चिन्हित क्षेत्रों के संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों को सहयोग के लिए पत्र लिखा है तथा सभी एमओआईसी को इस अभियान को सफल बनाने के लिए समीक्षा करने को कहा है।  

केंद्रीय टीम ने फतेहपुर में बिठौरा ब्लाक के भसौनी गांव का भी भ्रमण किया जहां फाइलेरिया के काफी मरीज हैं। इस गांव में दवा खाने से इनकार करने वालों की संख्या को देखते हुए डॉ. रिंकू ने स्वास्थ्य टीम व पीएसपी सदस्यों से और कर्मठता से काम करने की हिदायत दी।


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