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नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर सनी देओल के जुहू स्थित बंगले की नीलामी का नोटिस बैंक ऑफ बड़ौदा ने 24 घंटे में वापस ले लिया। बैंक ने सोमवार को अखबारों में खंडन जारी कर कहा- यह नोटिस तकनीकी कारणों से वापस लिया जा रहा है। सनी देओल की प्रॉपर्टी की नीलामी नहीं होगी।

इससे पहले रविवार को पब्लिश हुए नोटिस के मुताबिक सनी ने 56 करोड़ रुपए लोन लिया था, जिसे उन्होंने चुकाया नहीं। लोन न चुका पाने पर 25 सितंबर को बंगले की नीलामी की तारीख भी दी गई थी। बैंक ने सनी से लोन रिकवरी के नोटिस का विज्ञापन भी छपवाया था। इसमें सनी के गांरटर के तौर पर पिता धर्मेंद्र का भी नाम लिखा था।

बॉलीवुड एक्टर और पंजाब के गुरुदासपुर से भाजपा सांसद सनी देओल फिल्म गदर-2 को लेकर इन दिनों सुर्खियों में हैं। फिल्म 400 करोड़ रुपए कमाने के करीब है। इसी बीच बैंक ने उन्हें लोन के 56 करोड़ रुपए नहीं चुकाने पर नोटिस जारी किया था। अब इस फैसले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा- नीलामी रोकने के तकनीकी कारण कहां से आ गए? 

उन्होंने कहा कि 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और देश को पता चल रहा है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने तकनीकी कारणों से नीलामी नोटिस वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य है कि इन 'तकनीकी कारणों' को किसने ट्रिगर किया?

बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने 25 अगस्त को होने वाली ई-नीलामी के माध्यम से 56 करोड़ रुपये की वसूली के लिए अभिनेता के स्वामित्व वाली संपत्ति को ब्लॉक कर दिया था। गुरदासपुर के सांसद और बॉलीवुड अभिनेता की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म गदर- 2 बॉक्स ऑफिस पर सफल रही है। 

बैंक ऑफ बड़ौदा ने रविवार को घोषणा की थी कि वह अभिनेता को दिए गए कर्ज की वसूली के लिए जुहू में स्थित देओल के विला की नीलामी करेगा। बैंक के अनुसार, ब्याज सहित कर्ज राशि 56 करोड़ रुपये है। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों में सोमवार को कहा गया कि बंगले के लिए नीलामी नोटिस वापस ले लिया गया है। बता दें, अभिनेता को आधिकारिक तौर पर अजय सिंह धर्मेंद्र देओल के नाम से जाना जाता है और वह 2019 से पंजाब सीट से सत्तारूढ़ भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।


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