हेल्थ/लाइफस्टाइल डेस्क। पारिजात के पत्ते को आयुर्वेद में स्वास्थ्य का खजाना माना जाता है। पारिजात को हरसिंगार भी कहा जाता है । औषधीय गुणों से भरपूर पारिजात न केवल हड्डियों के दर्द से निजात दिलाने का गुण होता है बल्कि इसे सर्दी-जुकाम के लिए भी यह रामबाण माना जाता है। जानिए इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका।
जोड़ों के दर्द और अनिद्रा में लाभकारी
आयुर्वेदिक चिकित्सकों के मुताबिक “पारिजात के पत्तों का बना काढ़ा सर्दी-जुकाम में रामबाण माना जाता है। ये बुखार, जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग और अनिद्रा जैसी बीमारियों में लाभकारी माना जाता है। पारिजात के पत्तों से बनी चाय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करती है।
सांस की बीमारी की अचूक दवा
अस्थमा और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए पारिजात काफी लाभदायी रहा है. सूखी खांसी से राहत के लिए पारिजात के फूलों और पत्तों से बनी चाय का सेवन करना फायदेमंद होता है. यह अस्थमा के लक्षणों को भी कम करने में मदद करेगा. आप चाहें तो इस चाय में एक चम्मच शहद मिलाकर पी सकते हैं. स्वाद भी बेहतर होगा।
पारिजात के कई और लाभ
पारिजात के कई लाभ होते हैं। इसमें ई.कोली जैसे कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता होती है, जो वायरल और फंगल इंफेक्शन का कारण बनते हैं. हरसिंगार के फूलों और पत्तों का सेवन कर ना केवल बुखार से राहत पा सकते हैं बल्कि स्किन से जुड़ी एलर्जी या स्किन प्रॉब्लम को भी दूर कर सकते हैं।
पारिजात के पत्तों का काढ़ा बनाने की विधि
पारिजात का काढ़ा बनाने के लिए गर्म पानी में पारिजात के पत्तों को 10 से 15 मिनटों तक खौलाना है और इसके बाद इसमें थोड़े नमक के साथ काली मिर्च को डालना है. जुकाम से पीड़ित व्यक्ति को यह गर्म काढ़ा पीना चाहिए इससे काफी राहत मिलती है।
(नोट -यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)
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