भोपाल। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया यही। एक अविवाहित बलात्कार पीड़िता ने सामाजिक कलंक के डर से अपने नवजात शिशु की हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, चार दिन पहले एक बच्चे को जन्म देने वाली युवती का पिछले साल एक अज्ञात व्यक्ति ने यौन उत्पीड़न किया था।
सामाजिक कलंक की वजह से नवजात को मार डाला
उसकी गर्भावस्था के बारे में पता चलने पर पुलिस ने उसके परिवार से बच्चे के जन्म के बारे में सूचित करने के लिए कहा था, लेकिन सामाजिक कलंक के डर से परिवार ने इसे मार डालने का फैसला किया। मामला तब सामने आया, जब पुलिस दुष्कर्म मामले की जांच के लिए डीएनए सैंपल लेने उसके घर गई। वहां पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि बच्ची को मार कर सुनसान जगह पर दफना दिया गया है।
घर के तीन सदस्य गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक युवती ने पहले तो बच्चे को दूध नहीं पिलाया और फिर पैर से उसकी गर्दन कुचल दी और मार डाला। पुलिस ने कहा, नवजात शिशु की नृशंस हत्या की पुष्टि तब हुई जब शव को कब्र से बाहर निकाला गया और बाद में शव परीक्षण में सर्वाइकल स्पाइन के ऊपर कई फ्रैक्चर का पता चला। सभी 3 आरोपियों, महिला और उसके चाचा-चाची को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या का मामला दर्ज किया गया।
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