लखनऊ। रामधीन सिंह इंटर कालेज बाबू गंज में समर्थ संस्था के सहयोग से आज यूपी बोर्ड के स्कूल में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्था की टीम लीडर ज्योति द्विवेदी के नेतृत्व में और निशा यादव के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों, महिलाओं और समुदाय के अन्य सदस्यों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। इसका मकसद प्रतिभागियों को सही जानकारी देना, मासिक धर्म से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना और सुरक्षित व स्वच्छ अभ्यास अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान निशा यादव और पूजा यादव ने छात्राओं से खुलकर संवाद किया। उन्होंने मासिक धर्म के समय होने वाली सामान्य समस्याओं, साफ-सफाई बनाए रखने के उपायों और संतुलित खानपान की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वस्थ आदतें अपनाकर आत्मविश्वास के साथ इन दिनों को सहज बनाया जा सकता है। सत्र के दौरान छात्राओं ने खुलकर सवाल भी पूछे। कक्षा 10 की प्रिय ने यह जानना चाहा कि क्या पीरियड्स के समय दवा ली जा सकती है और मासिक धर्म में काला (ब्लैक) रक्त आना कोई बीमारी का संकेत है या यह सामान्य स्थिति होती है।
इसके जवाब में विशेषज्ञों ने बताया कि हल्का काला या गाढ़ा रक्त कई बार सामान्य हो सकता है, पर अगर यह लगातार होता रहे या दर्द के साथ हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। उन्होंने यह भी बताया कि पीरियड्स के दौरान आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा ली जा सकती है। वहीं, कक्षा 9 की जारा ने पूछा कि अगर पीरियड्स नियमित समय पर न हों या काफी देर से आएं, तो क्या कोई समस्या हो सकती है। इस पर विशेषज्ञों ने कहा कि अत्यधिक देरी, अनियमितता या लंबे समय तक पीरियड्स न आना कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है और ऐसे में चिकित्सीय परामर्श लेना जरूरी होता है।
कार्यक्रम में ज्योति द्विवेदी ने कहा कि मासिक धर्म स्वच्छता केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने इस तरह की जागरूकता पहलों की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर करीब 500 नि:शुल्क सैनिटरी पैड्स वहाँ रखवाये गए, ताकि बालिकाओ जरूरत के समय उपयोग कर सकें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से सुरक्षित रह सकें।
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