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बिजनेस डेस्क। अगर कोई बैंक खाता दो साल से ज़्यादा समय तक इस्तेमाल नहीं होता तो बैंक उसे ‘निष्क्रिय’ (Inoperative) या ‘डॉर्मेंट’ (Dormant) घोषित कर देता है। पहले ऐसे खातों को फिर से चालू कराने के लिए कई बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे और कई बैंक इस पर जुर्माना भी लगाते थे। लेकिन अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे आम ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।

क्या हैं RBI के नए निर्देश?

RBI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि निष्क्रिय पड़े खातों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए और ग्राहकों से कोई पेनल्टी न ली जाए।

1. अब कोई पेनल्टी नहीं लगेगी: सबसे बड़ी राहत यह है कि बैंक अब किसी भी निष्क्रिय खाते को फिर से एक्टिव करने के लिए कोई जुर्माना या शुल्क नहीं वसूल सकते। यह नियम ग्राहकों को बेवजह के खर्च से बचाता है।

2. चालू कराने के कई आसान तरीके: अब आपको सिर्फ बैंक की ब्रांच जाकर ही खाता चालू कराने की जरूरत नहीं है। अगर आपका KYC (नो योर कस्टमर) पूरा है, तो आप इन तरीकों से भी खाता एक्टिवेट कर सकते हैं:

-एटीएम (ATM) से ट्रांजेक्शन करके

-इंटरनेट बैंकिंग (Net Banking) के जरिए

-मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking) ऐप का इस्तेमाल करके

-सिर्फ एक ट्रांजेक्शन करने से ही आपका खाता फिर से सक्रिय हो जाएगा।

कब होती है KYC की जरूरत?

अगर आपका खाता लंबे समय से बंद है और आपकी KYC जानकारी पुरानी हो गई है, तो बैंक आपसे फिर से KYC डाक्यूमेंट्स (जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड) जमा करने के लिए कह सकता है। यह सुरक्षा के लिए एक ज़रूरी कदम है। KYC अपडेट होने के बाद आप आसानी से खाता दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह कदम उन करोड़ों लोगों के लिए बहुत मददगार है जिनके खाते बिना इस्तेमाल के पड़े हुए हैं। RBI के इस फैसले का मकसद बैंकिंग को और ज़्यादा ग्राहक-हितैषी (Customer-Friendly) बनाना है।


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