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-प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा ने एमडीए अभियान को लेकर जारी किया व्यापक दिशा-निर्देश 
-स्पष्ट निर्देश- दवा सामने खिलानी है, व्यक्ति के अनुपस्थित होने पर पुनः भ्रमण करेगी स्वास्थ्य टीम    

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने 27 जिलों में 10 अगस्त से शुरू होने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं।

गाइडलाइंस का स्वागत करते हुए राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ ए.के. चौधरी ने कहा कि व्यापक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद पूरा विश्वास है कि सभी 27 जिलों में हमारी टीमें शत-प्रतिशत योग्य लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य प्राप्त करेंगी। यह अभियान सभी पात्र व्यक्तियों को फाइलेरिया रोधी दवा देने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर ज़ोर देता है। स्पष्ट निर्देशों में कहा गया है कि दवा लेते समय प्रत्यक्ष निगरानी रखी जानी चाहिए और अनुपस्थित लोगों के लिए पुनः भ्रमण भी किया जाना चाहिए।

जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दिए दिशा-निर्देश के अनुसार 103 ब्लॉकों में दो दवाएँ (एल्बेंडाज़ोल और डीईसी) और 92 ब्लॉकों में तीन दवाएँ (एल्बेंडाज़ोल, आइवरमेक्टिन और डीईसी) दी जानी है। यदि व्यक्ति अनुपस्थित है तो घर के अन्य सदस्यों को दवा नहीं देना है। इसके बजाय, सामने दवा खिलाने के लिए पुनः घर जाना आवश्यक है। दवा केवल कुछ खाने के बाद ही लेनी है। आशा कार्यकर्ताओं के घर उन लोगों के लिए डिपो के रूप में काम करेंगे जो प्रारंभिक खुराक लेने से चूक गए हैं, ताकि प्रत्यक्ष निगरानी में उपचार सुनिश्चित हो सके।

जिन प्रभावित एवं चिन्हित क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज हैं, वहाँ बूथ अनिवार्य हैं और ज़िला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी बूथ स्थापित किए जाने चाहिए। शहरी आशा/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एनएसएस/एनवाईके/युवा क्लबों/नर्सिंग कॉलेजों के छात्र शहरी क्षेत्रों में दवा वितरण का संचालन करेंगे। बूथ उन क्षेत्रों में स्थापित किए जाने चाहिए जहाँ घर-घर जाकर दवा पहुँचाना चुनौतीपूर्ण है। बहुमंजिला इमारतों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन पात्र लोगों को दवा वितरण का समन्वय करेंगे।

प्रमुख सचिव ने ज़ोर देकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार, खाद्य एवं रसद, नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे विभागों के साथ मिलकर शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों तक पहुँचना है। सामुदायिक नेताओं, शिक्षकों और धार्मिक हस्तियों को उन व्यक्तियों की सहायता के लिए सूचीबद्ध किया जाना चाहिए जो शुरुआत में दवा लेने से इनकार करते हैं।

अभियान में सहयोग के बारे में बोलते हुए बछरावां के सेहनगो आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ-रोगी हितधारक सदस्य प्रधान दीपक कुमार चौधरी ने कहा कि यह पहली बार है जब हमारे ज़िला और ब्लॉक स्तर के सामुदायिक आयोजक, प्रदाता, कार्यान्वयनकर्ता और रोगी मिलकर आशा और ड्रग एडमिनिस्ट्रेटरों की सहायता कर रहे हैं ताकि शत-प्रतिशत कवरेज प्राप्त किया जा सके और इनकार को अपवाद न माना जाए।

एमडीए अभियान बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, बस्ती, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, कौशाम्बी, चंदौली, गाजीपुर और मिर्जापुर में चलाया जाएगा।

इसके अलावा, राज्य के शेष 75 ज़िलों (एमडीए वाले 27 ज़िलों के 195 ब्लॉकों को छोड़कर) में 11 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। 1 से 19 वर्ष की आयु के सभी लाभार्थियों को एल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाएंगी तथा छूटे हुए बच्चों को शामिल करने के लिए 14 अगस्त को मापअप राउंड चलाया जाएगा।


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