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हांगकांग। रूस और यूक्रेन के बीच ल रही जंग में दोनों ही देशों का खासा नुकसान हो रहा है लेकिन चीन को इस लड़ाई से काफी फायदा हो रहा है। रूस पर अमेरिका और पश्चिमी देशों ने कड़े प्रतिबंध लगा दिये हैं इसके परिणाम स्वरूप सैकड़ों विदेशी ब्रांड रूस से चले गये हैं। ऐसे में इसका फायदा चीन उठा रहा है। रूस में चाइना के ब्रांडों की डिमांड में बढ़ोत्तरी हो गई है।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग के आंकड़ों से पता चलता है कि हाल के महीनों में स्मार्टफोन की दिग्गज कंपनी शाओमी और वाहन निर्माता गीली की बिक्री में वृद्धि देखी गई है।

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुसार, जहां आईफोन और सैमसंग गैलेक्सियां कभी बेस्टसेलर हुआ करती थीं, वहीं शाओमी और एक अन्य चीनी विक्रेता रियलमी के मॉडल अब बिक्री चार्ट में टॉप पर हैं।

चीनी निर्माता युद्ध से पहले ही रूस में लोकप्रिय थे, दिसंबर 2021 में स्मार्टफोन बाजार का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा था। सीएनएन रिपोर्ट ने काउंटरप्वाइंट के आंकड़ों के हवाले से कहा कि अब उन्होंने एक साल बाद बाजार के 95 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इस बीच सैमसंग और एप्पल जो आम तौर पर नंबर एक और दो स्थान रखते थे। अब नीचले स्तर पर पहुंच गए हैं।

एस एंड पी ग्लोबल मोबिलिटी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में चीनी कार निर्माता चेरी और ग्रेट वॉल मोटर शीर्ष 10 यात्री वाहन ब्रांडों में पहुंच गए हैं, जबकि जर्मनी के बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज गायब हो गए हैं।

डेटा प्रदाता ऑटोस्टैट के अनुसार, रूसियों ने पिछले साल रिकॉर्ड संख्या में चीनी कारें खरीदीं। पिछले महीने एक रिपोर्ट में कहा गया था कि देश में चीनी नई कारों की बिक्री 2022 में 7 प्रतिशत बढ़कर 121,800 वाहन हो गई।
 


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