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नई दिल्ली।  सिंगापुर और हांगकांग के बाद अब एमडीएच (MDH) और एवरेस्ट (Everest) मसालों की जांच की आंच अब ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड तक पहुंच चुकी है।

हालांकि, एमडीएच  (MDH) ने पिछले हफ्ते जारी स्पष्टीकरण में अपने उत्पादों में किसी हानिकारक कीटनाशक पाए जाने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस तरह के आरोप लगाने का कोई ठोस आधार नहीं है।

खाद्य मानक ऑस्ट्रेलिया- न्यूजीलैंड (एफएसएएनजेड) ने मंगलवार को घोषणा की है कि वह भारतीय कंपनियों एमडीएच (MDH) और एवरेस्ट (Everest) की ओर से उत्पादित मसालों में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रहा है। 

एक रिपोर्ट्स के अनुसार हांगकांग और सिंगापुर की तरह ही कार्रवाई के बाद ऑस्ट्रेलिया में इन उत्पादों को बाजार से वापस मंगाया जा सकता है। आस्ट्रेलिया में ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वो जांच के बाद होने वाले संभावित रिकॉल के बारे में सचेत रहें और खरीदारी के दौरान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करें।

उधर, एमडीएच (MDH) और एवरेस्ट (Everest) के मसालों में टायफॉइड वाला बैक्टीरिया मिलने पर अमेरिका ने इनकी एंट्री पर रोक लगा दी है, जबकि एक तिहाई शिपमेंट खारिज कर दिए हैं। पड़ोसी देश मालदीव ने भी एमडीएच (MDH) और एवरेस्ट (Everest) के उत्पादों पर रोक लगा दी है। दरअसल, हांगकांग ने हाल ही में तीन एमडीएच (MDH) मसालों और एवरेस्ट (Everest) के फिश करी मसालों की बिक्री पर रोक लगा दी थी जबकि सिंगापुर ने एथिलीन ऑक्साइड के अत्यधिक स्तर का हवाला देते हुए बाजार से एवरेस्ट मसाले को मंगा लिया था।

उल्लेखनीय है कि एमडीएच (MDH) और एवरेस्ट (Everest) भारत के प्रमुख मसाला ब्रांड हैं, जो यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में महत्वपूर्ण उपस्थिति रखते हैं।
 


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