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लखनऊ। सतत् विकास लक्ष्य-2030 (एस.डी.जी.-2030) के अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्पोरेट स्तर के बड़े चिकित्सालयों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़े जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में योजना का क्रियान्वयन कर रही संस्था स्टेट एजेन्सी फॉर कॉम्प्रीहेन्सिव हेल्थ एण्ड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज़) द्वारा कार्पोरेट स्तर के बड़े संस्थानों एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को योजना से जोड़े जाने हेतु सतत् रूप से प्रयास किये जा रहे हैं एवं इस दिशा में काम करते हुए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ऐसे संस्थानों के साथ कार्यशाला एवं सेमिनार का आयोजन करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया है।

इन्ही प्रयासो के तहत मेदांता हास्पिटल लखनऊ को आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध कर लिया गया है। अब आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं पण्डित दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के लाभार्थियों को मेदांता हास्पिटल लखनऊ में 5 लाख रूपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। मेदांता हास्पिटल, लखनऊ को रेडियेशन ओनकोलाजी, कार्डियो थोरेसिस एवं वैसकुलर डिसीस तथा कार्डियोलाजी की स्पेशियलिटी से सम्बन्धित बीमारियों के इलाज की अनुमन्यता प्रदान की गयी है।

मेदांता हास्पिटल लखनऊ के योजनांतर्गत सूचीबद्ध हो जाने से योजना के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की प्राप्ति हुई है। अभी तक कार्पोरेट स्तर के बड़े संस्थान, योजना के प्रति फैली भ्रांतियों के कारण योजना से दूरी बना रहे थे लेकिन अब मेदांता हास्पिटल लखनऊ के सूचीबद्ध हो जाने से अन्य बड़े संस्थान भी योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। योजनांतर्गत अब तक कार्पोरेट क्षेत्र के बड़े संस्थान यथा अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल लखनऊ, यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल, गाजियाबाद तथा तीर्थांकर महावीर युनिवर्सिटी हास्पिटल, मुरादाबाद को सूचीबद्ध किया जा चुका है।


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