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हेल्थ/लाइफस्टाइल डेस्क। सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। इस समय थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सर्दियों का असर गले और छाती पर सबसे ज्यादा होता है। फेफड़ों से सम्बंधित बीमारियां बढ़ जाती हैं। फ्लू और सांस की बीमारियों के साथ सर्दी जुकाम, बुखार से लोग ज्यादा परेशान होते हैं।

हड्डियों का दर्द: अगर आप को हड्डियों में तकलीफ, कमर दर्द, गठिया या जोड़ो के दर्द की समस्या है तो ठंडक में इनकी तकलीफें बढ़ सकती है। ऐसे में चलने फिरने व्यायाम करने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने पर इन समस्याओं से बचा जा सकता है। बढ़ती उम्र में मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में अपने जीवन शैली में बदलाव करें, भोजन में पौष्टिक आहार लें, वसा युक्त भोजन से परहेज करें।

लाइफस्टाइल में बदलाव: सोने-जागने और खानपान सही न होने से मौसमी बीमारियों ने घर-घर में लोगों को परेशान कर रखा है। बुखार, गले और सीने में संक्रमण से सम्बंधित बीमारियां बढ़ गई हैं। यदि स्वस्थ रहना है तो अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाते हुए क्षारीय भोजन को अपनायें। मौसमी बीमारियों से बचाव में प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक शक्तियों को अपने जीवन में स्थान देना बेहतर विकल्प है। अपनी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए स्पर्श चिकित्सा की विधि स्पर्श-ध्यान को करने से विशेष लाभ होगा।

धूपन चिकित्सा:  यह चिकित्सा पद्धति हवा में मौजूद बीमारियों के कीटाणुओं को नष्ट कर घर के वातावरण को स्वच्छ और शरीर को स्वस्थ करता है। इसे घर में भी बना सकते हैं इसके लिए आधा किलो गाय का गोबर, 100 ग्राम गुग्गुल, 100 ग्राम लोहबान, 100 ग्राम नीम की पत्ती का रस, 100 ग्राम चंदन का बुरादा सभी को मिलाकर सुखा लें। इसकी धूप को सुबह शाम जलाएं। यह घर के अंदर मौजूद सभी तरह के कीटाणुओं-विषाणुओं को नष्ट कर सकारात्मक ऊर्जा भरता है। 

(नोट : यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है। शरीर में कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)


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