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अमेरिका-चीन के बीच कूटनीतिक जंग शुरू, चीनी कॉन्सुलेट पर ताला

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के प्रशासन ने चीन के ख‍िलाफ उठाया बड़ा कदम

अमेरिका ने ह्युस्टन स्थित चीन के कॉन्सुलेट को 72 घंटे में बंद करने का आदेश दिया

लॉस एंजेल्स। अमेरिकी विदेश विभाग ने चीन के ह्युस्टन स्थित कॉन्सुलेट जनरल आफिस को बंद कर दिया है। इस पर चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई को भड़काऊ और अनुचित बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से चेतावनी दी गई है कि वह ह्युस्टन कॉन्सुलेट सेवा को तत्काल बहाल करे, अन्यथा बदले की कार्रवाई के लिए तैयार रहे। अमेरिकी विदेश विभाग ने चीनी ह्युस्टन कॉन्सुलेट को आदेश दिया है कि वह तत्काल अपनी सभी सेवायें 72 घंटे ने बंद करें।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मोर्गन ओर्तगुस ने कहा कि अमेरिका ने अपने देश की प्राकृतिक संपदा और अमेरिकी नागरिकों के निजी डाटा के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की है। इस संदर्भ में विदेश विभाग ने चीन के दो चीनी हैकरों की ओर से अमेरिकी प्राकृतिक सम्पदा और कोविड-19 से संबंधित वैक्सीन कंपनियों के डाटा चुराए जाने का ख़ुलासा किया था।

चीनी हैकर डाटा चोरी में माहिर

इस संबंध में अमेरिका के न्यायिक विभाग और एफबीआई के उच्चाधिकारियों ने कहा था कि चीनी हैकर डाटा चोरी में माहिर हैं। यही नहीं, उन्होंने चीन को भी डाटा चोरी मामले में उत्तरी कोरिया और रूस की श्रेणी में रख दिया था। चीन के वाशिंगटन डीसी स्थित दूतावास के अलावा न्यूयॉर्क, लॉस एंजेल्स, सान फ़्रांसिस्को, और शिकागो में कॉन्सुलेट हैं, जबकि अमेरिका के चीन में बीजिंग के अलावा शंघाई, गोंजेओ, चेंगड़ू, वुहान और शेन्यांग में कॉन्सुलेट हैं।

शीत युद्ध चरम सीमा पर

अमेरिका और चीन के बीच पिछले डेढ़ वर्ष से कारोबारी जंग को लेकर शीत युद्ध चरम सीमा पर है। चीन के ह्युस्टन स्थित कॉन्सुलेट जनरल आफिस बंद करने को अमेरिका-चीन के बीच कूटनीतिक जंग शुरू होना माना जा रहा है।

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