मुल्ला बरादर के हाथ में होगी तालिबानी सरकार की कमान, अखुंदजादा बन सकता है सुप्रीम लीडर

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की कमान संगठन के सह संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के हाथों में होगी।
 
mullah baradar
तालिबानी सरकार

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की कमान संगठन के सह संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के हाथों में होगी। इसके अलावा तालिबान के मुखिया अखुंदजादा को संरक्षक या सुप्रीम लीडर जैसा कोई पद मिल सकता है। मुल्ला बरादर तालिबान के कतर स्थित राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक की मानें तो तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बाद स्तेनकजई तालिबान सरकार में वरिष्ठ पद संभालेंगे।

उल्लेखनीय है कि तालिबान ने गत 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर कब्जा किया था। इसके बाद से ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है। गत सोमवार को अमेरिका के देश छोड़ने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आ गई है। कतर की राजधानी दोहा स्थित तालिबान के सियासी दफ्तर के उपनेता शेर मुहम्मद अब्बास ने बताया कि अफगानिस्तान के सभी कबीलों की महिलाओं और सदस्यों को भी सरकार में शामिल किया जाएगा। लेकिन बीते 20 वर्ष की सरकारों में शामिल रहे लोगों को तालिबान कि नए शासन में जगह नहीं मिलेगी।

कौन है मुल्ला बरादर?

तालिबान का को-फाउंडर मुल्ला बरादर संगठन में दूसरे नंबर का नेता है। तालिबान के 1996 से 2001 तक के शासन में मुल्ला बरादर ने अहम भूमिका निभाई थी। 2001 में अमेरिकी हमले के वक्त वो अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार का रक्षा मंत्री था। 2001 के बाद जब अमेरिका ने अफगानिस्तान में कब्जा किया तो मुल्ला बरादर पाकिस्तान चला गया।
2010 में पाकिस्तान ने मुल्ला बरादर को जेल में डाल दिया, क्योंकि उस पर आरोप लगा कि उसने पाकिस्तान को भरोसे में लिए बिना अफगानिस्तान सरकार से बात करने की कोशिश की थी। हालांकि बाद में पाकिस्तान ने बरादर को छोड़ दिया था।
2018 में तालिबान ने कतर के दोहा में अपना राजनीतिक दफ्तर खोला था। वहां अमेरिका से शांति वार्ता के लिए जाने वाले लोगों में बरादर प्रमुख था। उसने हमेशा अमेरिका के साथ बातचीत का समर्थन किया है।