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दुनिया

काबुल में गुरुद्वारे पर आतंकी हमला, 11 लोगों की मौत,इस्लामिक स्टेट ने ली जिम्मेदारी

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काबुल । अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के शोर बाजार में स्थित गुरुद्वारे में घुसकर अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई। जबकि करीब दस लोग घायल हो गए।

इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अल्पसंख्यक सिखों पर यह पहला हमला नहीं है। गौरतलब है कि सिख समुदाय यहां अल्पसंख्यक है। । पहले भी अफगानिस्तान में सिखों पर हमले होते आए हैं और डरकर वे भारत आने को मजबूर है । 2018 में भी जलालाबाद में आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 13 सिख मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी।

अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने कहा, अज्ञात बंदूकधारियों और सूइसाइड बॉमर ने अटैक को अंजाम दिया है। । सांसद नरिंदर सिंह खालसा ने कहा कि जब हमला हुआ तब वह गुरुद्वारे के नजदीक ही थे, उनके पास एक फ़ोन आया और वो भागकर वहां पहुंचे। हमले के समय, गुरुद्वारे के अंदर लगभग 150 लोग थे।

भारत ने की कड़ी निंदा

भारत ने काबुल के गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। मृतकों के परिवावालों के सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए विदेश मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि भारत घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हैं। भारत अफगानिस्तान के हिंदू और सिख समुदाय के प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
विदेश मंत्रालय ने अपने वक्तव्य में कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक पूजा के स्थानों पर इस तरह के कायरतापूर्ण हमले, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के इस समय में, आतंकियों और उनके समर्थकों की शैतानी मानसिकता का प्रतिबिंब है।

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भारत ने कहा कि देश बहादुर अफगान सुरक्षा बलों की हमले के प्रति उनकी जवाबी कार्रवाई और अफगान लोगों व देश की सुरक्षा के लिए उनके अनुकरणीय साहस और समर्पण की सराहना करता है। भारत देश की शांति और सुरक्षा लाने के अपने प्रयासों में लोगों, सरकार और अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस घटना को “दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण” कहा और अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी से कहा कि “हमलावरों का पता लगाएं और लोगों की देखभाल करें।’

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Corona :अमेरिका में मौत का तांडव, 24 घंटे में 1480 लोगों की मौत

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस (corona virus) से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। अमेरिका (america) में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पूरे देश में 2,76,500 लोग corona की चपेट में हैं। अब स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। अमेरिका (america) में कोरोना वायरस (corona virus) के कारण 24 घंटे में 1480 मौतें दर्ज की गई हैं।

एक दिन में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ाइस वायरस से किसी भी देश में एक दिन के भीतर मरने वाले लोगों का यह आंकड़ा सबसे बड़ा है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, गुरुवार आधी रात से शुक्रवार आधी रात तक न्यूयॉर्क में 562 लोगों की मौत हुई। यानी हर ढाई मिनट में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

7 हजार से ज्यादा गंवा चुके हैं जान

अमेरिका में कोरोना से अब तक 7406 लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूयॉर्क में अबतक लगभग 3000 लोगों की मौत की पुष्टि की गयी है और लगभग एक लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित है, जबकि पूरे अमेरिका में संक्रमित लोगों की संख्या ढाई लाख को पार कर गई है।

ट्रंप बोले- युद्ध जैसी स्थिति दिखाई दे रही

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति दिखाई दे रही है, लेकिन इस युद्ध जैसी स्थिति से लड़ने के लिए कोई भी बेहतर तरीके से तैयार नहीं है। ट्रम्प ने कहा, “हम कोरोना वायरस से लड़ने में अपने प्रयास के तहत सेना की जिम्मेदारी बढ़ाने जा रहे हैं।

लोगों को ऐसे नहीं मरने देंगे

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्युमो ने कहा- मैंने एक आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसके मुताबिक राज्य के जिन अस्पताल में वेंटिलेटर्स की जरूरत कम है, वहां से इसे हटाकर इसकी कमी से जूझ रहे अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे लोगों को ऐसे ही नहीं मरने देंगे। राज्य में सक्रमण के एक लाख से ज्यादा मामले हो गए हैं। गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने अमेरिका के अन्य गवर्नरों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू करें।

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सख्त लॉकडाउन का विरोध

कुछ अमेरिकी राज्यों में अभी भी सख्त लॉकडाउन का विरोध हो रहा है । इनमें उत्तर और दक्षिण डकोटा, नेब्रास्का और आयोवा शामिल हैं। वहीं, अलबामा की गवर्नर के. इवे ने शुक्रवार शाम घोषणा की कि वे पूरे राज्य में स्टे-एट-होम ऑर्डर (घर में रहने के आदेश) जारी कर रही है, जो शनिवार से लागू होगा।

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ईरानी संसद के स्पीकर कोरोना वायरस से संक्रमित

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तेहरान। ईरान की संसद के स्पीकर अली लरिजानी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट से गुरुवार को जानकारी मिली है कि लरिजानी का इलाज किया जा रहा है और उन्हें क्वारंटाइन कर दिया गया है।

ईरान में अभी तक कोरोनावायरस से 50,468 लोग संक्रमित हुए हैं और 3,160 लोगों की मौत हो गई है। ईरान में इससे पहले अयातोल्लाह अली खमनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर वेलायती, उप पाष्ट्रपति एशाक जहांगिरी भी कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। अब लरिजानी भी इस सूची में शामिल हो गए हैं। जबकि विदेश मंत्री मोहम्मद जावाद जारीफ के सलाहकार समेत कम से कम 7 अधिकारी इससे संक्रमित होकर मर गए हैं।

वैश्विक स्तर की बात करें तो प्रिंस चार्ल्स, पोप फ्रांसिस, बोरिस जॉनसन भी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं।

उल्लेखनीय है कि कोरानावायरस महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर 10 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। कई देशों में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में इससे संक्रमित हेकर 50,000 लोग मर सकते हैं।

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दुनिया

पत्रकार डेनियल पर्ल के हत्यारे की मौत की सजा पाकिस्तानी अदालतने घटाई

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कराची। पाकिस्तान की एक अदालत ने 2002 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डैनियल पर्ल के अपहरण और हत्या के मुख्य आरोपी की मौत की सजा को घटा दिया है और इस मामले में तीन सह-आरोपियों को बरी कर दिया। बचाव पक्ष के दो वकीलों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

पर्ल की हत्या के आरोप में चार लोगों को दोषी ठहराया गया था। इनमें ब्रिटिश मूल का आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख भी शामिल था। उसे 2002 में हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। अपील के नतीजे का इंतजार करते हुए वह पिछले 18 साल से जेल में है।

बचाव पक्ष के वकील ख्वाजा नावेद ने टेलीफोन पर बताया कि अदालत ने उमर की मौत की सजा को घटाकर सात साल की सजा सुनाई है। हत्या के आरोप साबित नहीं हुए, इसलिए उसे अपहरण के आरोप में सात साल की सजा दी गई। नावेद ने कहा कि उमर पहले ही 18 साल जेल की सेजा काट चुका है, इसलिए उसकी रिहाई के आदेश आज ही जारी किए जाएंगे। वह कुछ दिनों में बाहर हो जाएगा।

सिंध प्रांत के उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने गुरुवार को कराची शहर में यह आदेश जारी किया। नावेद ने कहा कि इस मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीन अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया गया है।

डेनियल पर्ल 11 सितंबर, 2001 के अमेरिका पर हुए हमले के बाद कराची में इस्लामी आतंकवादियों पर खोजी रिर्पोटिंग कर रहे थे। जनवरी 2002 में उनका अपहरण कर लिया गया था। उनकी हत्या के कुछ हफ्ते बाद उनका एक वीडियो सामने आया था।

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उधर सिंध के प्रांतीय अभियोजक जनरल फैज शाह ने कहा कि वह अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने पर विचार करेंगे।

उमर शेख ब्रिटेन में पैदा हुआ और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई की थी। अमेरिका के पर्यटक के अपहरण और हत्या में शामिल होने के पहले 1990 के दशक में उसे भारत में गिरफ्तार किया गया था। आतंकवादियों ने 1999 में एक भारतीय विमान का अपहरण कर लिया और उसे अफगानिस्तान के कंधार ले गए थे। तत्कालीन सत्तारूढ़ तालिबान शासन ने एक सौदेबाजी के बाद विमान के बदले भारतीय जेल से रिहा किए गए तीन आतंकवादियों में उमर शेख भी एक था।

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