ब्रिटेन की संसद में कश्मीर के खिलाफ पाकिस्तान की साजिश उजागर

  • कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाएगा ब्रिटेन
  • भारत-पाकिस्तान खुद खोजें समस्या का स्थायी समाधान

लंदन। ब्रिटेन की संसद में कश्मीर के राजनीतिक हालात पर चर्चा के दौरान ब्रिटेन एक बार फिर से अपने पहले के रूख पर कायम रहा। ब्रिटेन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान को कश्मीर का स्थायी राजनीतिक समाधान खोजना चाहिए। लेबर पार्टी के सांसद बैरी गार्डिनर ने कश्मीरी लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे पाकिस्तानी एजेंडे को उजागर करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा कश्मीर का नया निर्माण किया जा रहा है।

संसद में ‘कश्मीर के राजनीतिक हालात’ पर चर्चा के दौरान विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय मंत्री निगेल एडम्स ने जवाब देते हुए कहा कि ब्रिटेन इस मामले में कोई मध्यस्थ भूमिका निभाने नहीं जा रहा है लेकिन हमें नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दोनों ओर से मानवाधिकार संबंधी चिंता है।

भारत और पाकिस्तान को शिमला समझौते के तहत समस्या का स्थायी राजनीतिक समाधान खोजना चाहिए लेकिन इसके साथ कश्मीर के लोगों की इच्छाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन सरकार का इस मामले में कोई समाधान देना और मध्यस्थ के रूप में भूमिका बेमानी होगी।

लेबर पार्टी के सांसद बैरी गार्डिनर ने चुनाव में स्थानीय लोगों के 50 प्रतिशत के प्रतिनिधत्व की वकालत के साथ अनुच्छेद 370 को हटाने के मामले का जवाब देते हुए कहा कि अगस्त, 2019 में केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में जम्मू और कश्मीर का निर्माण किया गया और नजरबंद नेताओं को सुरक्षात्मक तरीके से घरों में रखा गया।उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि इनमें से कुछ प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है जैसे इंटरनेट व आंशिक रूप से सोशल मीडिया को कुछ पहुंच के साथ बहाल किया जा सकता है लेकिन इस दिशा में अधिक किया जाना चाहिए।

कश्मीरी प्रवासी दल की तरफ से लबौर की सारा ओवेन की अगुवाई में संसद के बैकबेंच सदस्यों द्वारा आयोजित बहस में क्रॉस-पार्टी ब्रिटिश सांसदों की भागीदारी शामिल थी। एडम्स ने कहा, “कश्मीर के लोग कामयाब होने और सफल होने के अवसर के लायक हैं, इसलिए मोटे तौर पर हम उस प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो भारत सरकार ने कश्मीर के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए की है।