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नरवणे के जाते ही चीन की नापाक हरकत, लैप्सांग में तेज की सैन्य गतिविधियां

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पैन्गोंग झील के फिंगर-4 क्षेत्र में अभी भी तनातनी बरकरार 

​नई दिल्ली। ​​सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद ​​​​​​नरवणे दो दिन तक पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रहकर भारतीय सेना की तैयारियों का जायजा लेने के बाद गुरुवार को दोपहर में वापस दिल्ली लौटे। ​उन्होंने ​भारतीय सीमा में चीन ​का अतिक्रमण रोकने के मुद्दे पर रणनीति तैयार की है​ गलवान घाटी के विवादित क्षेत्र से चीन को पीछे धकेल दिया गया है ​लेकिन पैन्गोंग झील पर अभी भी तनातनी बरकरार है। सेना प्रमुख ​आज शाम को रक्षा मंत्रालय, सीडीएस और एनएसए को एलएसी पर भारतीय सेना की तैयारियों के बारे में जानकारी देंगे।  ​

एक किलोमीटर पीछे हट गए चीनी सैनिक

सेना प्रमुख नरवणे​ ने बुधवार को​ पूर्वी लद्दाख में अग्रिम चौकियों का दौरा ​करके जमीन पर सेना की तैनाती की समीक्षा की। उन्होंने ​​चीन के साथ दो दौर की वार्ता करने वाले 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से अब तक हुई प्रगति के बारे में जानकारी ली​​।​​ पैन्गोंग झील ​का फिंगर-4 क्षेत्र और गलवान में पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 ​सबसे संवेदनशील माने जा रहे हैं, इसलिए सबसे ज्यादा यहीं पर फोकस किया जा रहा है​ इन्हीं दोनों जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं, इसलिए यहां का मसला सुलझने के बाद ही दोनों सेनाओं की वापसी संभव है।
 ​हालांकि चीनी सैनिक गलवान घाटी ​की पेट्रोलिंग प्वाइंट​-​14​ पर ​खूनी ​झड़प वाली जगह से​ सिर्फ एक किलोमीटर पीछे हट गए हैं​ और चीन के सैनिकों की संख्या में कमी देखी गई है​ लेकिन ​अभी ​भी तनावपूर्ण स्थिति है क्योंकि चीन ने अपनी वह चौकी फिर स्थापित कर ली है जिसे भारतीय सैनिकों ने उखाड़ फेंका था और 20 जवानों ने शहादत दी थी। 
 
सेना प्रमुख​ के दो दिवसीय दौरे के समय ​यह बात भी सामने आई कि चीन ने लैप्सांग इलाके में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है यहां टैंक और हैवी मिलिट्री वाहन भी लाये गए हैं यह चीन का जमीनी क्षेत्र है और भारत के दौलतबेग ओल्डी (डीबीओ) एयर स्ट्रिप के पास है जहां से काराकोरम 30 किमी है 2013 में भी यहां दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आये थे, तब चीन ने भारतीय इलाके में टेंट लगा लिए थे दोनों देशों के बीच यह गतिरोध तीन हफ्ते तक चला था।भारत के लिए लैप्सांग इसलिए महत्वपूर्ण जगह है क्योंकि हमारी सेना दौलतबेग ओल्डी​​, काराकोरम​ और ​गलवान में है।​ ​
लैप्सांग का यह इलाका काराकोरम और दौलतबेग ओल्डी की ओर जाता है यहीं से गुजरने वाले ​​जी-219 ​​हा​ई-वे ​से महज 50 किमी की दूरी पर ​अक्साई चीन है। इसी हा​ई-वे से 6-7 फीडर रोड निकलती हैं जो काराकोरम, देंचोक, लैप्सांग, डीबीओ, गलवान, पेंगांग त्सो की तरफ जाती हैं। यह सभी इलाके हा​ई-वे ​​जी-219​ से ​महज ​125​ से ​175 किमी की दूरी पर पड़ते हैं। यहां से नार्थ-साउथ इलाका करीब 10 किमी है। कुल मिलाकर यह एक ऐसी जगह है जहां चीन हर तरफ अपनी नजर रख सकता है। चीन को अपने जमीनी क्षेत्र लैप्सांग से इन पहाड़ी इलाकों में आने में दिक्कत होती है इसलिए यहां चीन ​को भारत के साथ भिड़ने में आसानी होगी

​​  सेना की तैनाती देखी

भारत की एडवांस लैंडिंग ग्राउंड दौलत बेग गोल्डी में है​​ पेट्रोलिंग प्वाइंट 11, 12, 13 एलएसी के साथ-साथ हैं जहां से चीन करीब 10-12 किमी पीछे है इसीलिए ​भारत ज्यादा ठीक तरह से एलएसी की निगरानी कर ​पाता है​​​ भारत ने पेट्रोलिंग 13 तक सड़कें बना ली हैं, इसलिए भारतीय सैनिकों को वहां तक पहुंचने में 6 घंटे लगते हैं जबकि पहले 6 दिन लगते हैं। चीन को अब यही परेशानी है कि पहले भारत पेट्रोलिंग के लिए 6-6 दिन बाद आता है और अब चंद घंटों में ही पहुंच जाता है क्योंकि चीन एलएसी से करीब 10-12 किमी पीछे है​​ सेना प्रमुख ने भारत की अग्रिम चौकियों का दौरा करके खुद सेना की तैनाती देखी और कमांडर से वार्ता करके हालातों को समझा​ इसके बाद उन्होंने आकाश के साथ-साथ समुद्र में भी अपनाए जाने वाले उपायों पर वायु सेना प्रमुख और नौसेना प्रमुखों के साथ चर्चा की। थल सेनाध्यक्ष जनरल ​​एमएम  नरवणे ​दिल्ली लौटकर ​​आज शाम रक्षा मंत्रालय,​ सैन्य बलों के प्रमुख (सीडीएस​) विपिन रावत और ​राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए​)​ अजीत डोभाल को एलएसी ​पर भारतीय सेना की तैयारियों के बारे में जानकारी देंगे। 

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पाक ने कुलभूषण जाधव को दिया दूसरा कॉन्सुलर ऐक्सेस

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नई दिल्ली। पाकिस्तान ने गुरुवार को कुलभूषण जाधव को दूसरी बार कॉन्सुलर ऐक्सेस दे दिया है। दो अधिकारियों को मिलने की अनुमति दी गई है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से बताया गया है कि भारत के अधिकारी पाकिस्तान के विदेश कार्यालय पहुंचे हैं।

भारत ने पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव से मिलने के लिए बिना शर्त अनुमति देने के लिए कहा था, ताकि अध्यादेश के तहत उनसे पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा दी गई सजा की हाईकोर्ट में समीक्षा पर चर्चा की जा सके।

इससे पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव ने सजा की समीक्षा याचिका दायर करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद भारत ने पिछले गुरुवार को कहा कि कुलभूषण से संबंधित मामले में सभी कानूनी विकल्पों का आकलन कर रहा है। पाकिस्तान की अदालत ने जाधव को मौत की सजा सुनाई है।

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न्यूयार्क में बांग्लादेशी मूल के सीईओ का बेरहमी से कत्ल, आरी से किए लाश के टुकड़े

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नई दिल्ली। बांग्लादेशी मूल के दो कंपनियों के सीईओ फहीम सालेह का शव उनके न्यूयॉर्क स्थित लग्जरी अपार्टमेंट से बरामद किया गया। फहीम का बेहद बेरहमी से कत्ल किया गया।

उनके शरीर के हिस्से अपार्टमेंट के अलग-अलग हिस्सों में बिखरे मिले। घटनास्थल से एक इलेक्ट्रिक आरी भी बरामद की गई है। माना जा रहा है कि इसी आरी से शव के टुकड़े किए गए। पुलिस इसे कारोबारी रंजिश से जुड़ा मामला मान रही है।

सिर पॉलिथिन बैग में मिला

मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक मंगलवार दोपहर फहीम की बहन उनके अपार्टमेंट में पहुंचीं। पुलिस को शक है कि तब तक हत्यारा घर में ही मौजूद था क्योंकि इलेक्ट्रिक आरी लाश के करीब और चालू हालत में मिली। हालांकि, संदिग्ध दूसरे गेट से फरार हो गया। सिर और शरीर के कुछ टुकड़े पॉलिथिन बैग में मिले। धड़, सिर, पैर और हाथ काटकर अलग कर दिए गए थे। सालेह की बहन नेे बताया कि वो भाई से मिलने आई थी क्योंकि फहीम फोन नहीं उठा रहे थे।

अपार्टमेंट की कीमत 27 लाख डॉलर

सालेह नाईजीरिया की एक राइडिंग और डिलिवरी ऐप कंपनी के सीईओ थे। इसके अलावा बांग्लादेश में भी वो ‘पाथो’ नाम से इसी तरह की कंपनी चलाते थे। उनकी गिनती युवा और अमीर कारोबारियों में होती थी। जिस अपार्टमेंट में उनका कत्ल हुआ उसकी कीमत करीब 22 लाख डॉलर बताई गई है।

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ट्विटर पर हैकरो ने लगाई बड़ी सेंध किया हाईप्रोफाइल लोगों के अकाउंट हैक

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नई दिल्ली  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर अब हर दिन कोई न कोई बड़ी खबर सुनने को मिल ही जाती है। हाल ही में ये सुनने को मिला थआ कि घंटों तक व्हाट्सएप डाउन रहा, लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे. जिसके कारण लोगों को कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब ट्विटर पर अब तक का सबसे बड़ा साइबर अटैक हुआ है। इसमें अमेरिका के कई दिग्गज हस्तियों के ट्विटर अकाउंट हैक  कर लिए गए हैं।

इनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स, दुनिया के सबसे अमीर और इन्वेस्टमेंट गुरु वारेन बफे शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन, रैपर कानये वेस्ट, उबर, नेतन्याहू, एपल आईफोन की निर्माता कंपनी एप्पल समेत दुनिया के कई बड़े कारोबारियों और नेताओं के ट्विटर अकाउंट बुधवार को हैक कर लिया गया।

ऐसे कई हाई प्रोफाइल ट्विटर अकाउंट को एक साथ क्रिप्टोकरंसीज घोटाले के लिए हैक किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि ट्विटर ने कहा है कि ये उसके लिए एक कठिन दिन है और वह इस समस्या को जल्द ही सुधारने के लिए काम कर रही है।

इन मशहूर हस्तियों के अकाउंट से पोस्ट किए गए ट्वीट कुछ ही मिनट बाद डिलीट हो गए। परंतु इसके बाद तो जैसे एक लहर सी चल पड़ी और कई अन्य प्रमुख लोगों के अकाउंट धड़ाधड़ हैक होने लगे। इनके ट्विटर काउंट्स से प्रत्येक $1000 के बदले $2,000 भेजने का नकली ट्वीट किया गया. आम लोगों को कुछ हद तक नुकसान पहुंचा है. इस हैक के बीच हैकर्स करीब 300 लोगों से 1 लाख 10 हजार डॉलर बिटक्वाइन निकाल पाए हैं.।

दुनिया के दिग्गजों का ट्विटर अकाउंट हैक हो जाने के बाद ट्विटर हरकत में आया। कंपनी ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह “ट्विटर अकाउंट को प्रभावित करने वाली सुरक्षा घटना” के बारे में सावधान करने वाली घटना थी। इसकी जांच कर रही है और इसे ठीक करने के लिए काम किया जा रहा है।

ट्विटर के सीईओ जैक ने इस पूरे मामले पर कहा कि आज ट्विटर में बहुत ही मुश्किल भरा दिन था, जो हैकिंग हुई उसे हमने रोकने का प्रयास किया।  इसके लिए काफी अकाउंट्स को बंद कर दिया गया था। ये हैकिंग कैसे हुई और इसके पीछे कौन था, इसकी जांच जारी है।

 

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