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भारत के पक्ष में उतरीं नेपाली महिला सांसद के घर हमला, पुलिस भी नहीं कर रही मदद

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नई दिल्ली। नेपाल सरकार के संविधान संशोधन प्रस्ताव को खारिज किए जाने की मांग करने वाली सांसद सरिता गिरि के घर पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया है। हमले के बारे में सरिता गिरी ने ट्विटर पर बताया कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनपर हमला किया है । हमलावरों ने तोड़फोड़ करते हुए उन्हें देश छोड़ने की चेतावनी भी दी है। जानकारी के अनुसार, सांसद ने इस संबंध में पुलिस को फ़ोन कर सुचना दी और मदद की मांग भी की लेकिन कोई भी पुलिसवाला उनकी मदद को नहीं पहुंचा । इस हमले के बाद उनकी पार्टी के लोगों ने भी उनसे दूरी बना ली है।

किया था विरोध

सरकार द्वारा नए नक्शे को संविधान का हिस्सा बनाने के लिए लाए गए संविधान संशोधन प्रस्ताव पर अपना अलग से संशोधन प्रस्ताव डालते हुए जनता समाजवादी पार्टी की सांसद सरिता गिरि ने इसे खारिज करने की मांग की थी। नेपाल विवादित नक्शे को कानूनी रूप देने के लिए संविधान संशोधन कर रहा है। जनता समाजवादी पार्टी की सांसद सरिता इसके पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने इस प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की है, इस वजह से पार्टी भी उनसे नाराज चल रही है। उनकी पार्टी ने उनको तुरंत यह संशोधन प्रस्ताव वापस लेने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रस्ताव वापस नहीं लेने पर पार्टी से निलंबित करने की चेतावनी भी दी है।

40-50 लोगों ने किया हमला

सांसद सरिता के घर हुए हमले को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हो रहा है ,कई लोग इस हमले पर प्रक्रिया देते हुए इसकी कड़ी निंदा कर रहे है । नेपाल के मानवाधिकार कार्यकर्ता रणधीर चौधरी ने ट्वीट कर लिखा कि ‘हम किस स्थिति में पहुंच गए हैं। आज सांसद भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं।

सरिता गिरी के घर पर कुछ लोगों ने हमला किया, तोड़फोड़ की गई। हमलावरों ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। हमें इसकी निंदा करनी चाहिए, मुझे शक है कि इसमें सरकार का हाथ हो सकता है’। रणधीर ने सरिता के ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। जिसमें उन्होंने नेपाली भाषा में लिखा है कि 40-50 लोगों ने उनके घर पर हमला किया और मुख्य द्वार तोड़ दिया’।

इसलिए सरिता गिरी कर रहीं नेपाल सरकार के प्रस्ताव का विरोध

नेपाल सरकार के नक्शा प्रस्ताव को ख़ारिज करने की मांग कर रहीं सांसद सरिता गिरी का आरोप है कि नेपाल नक्शे में बदलवाव चीन के इशारे पर करना चाहता हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के लोग नहीं चाहते हैं कि नक्शे को लेकर भारत-नेपाल में विवाद हो। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि नए नक्शे को लागू करने से पहले भारत और चीन संग नेपाल को बातचीत करनी चाहिए।

नक्शा प्रस्ताव को सभी पार्टियों का समर्थन

गौरतलब है कि भारत के पक्ष में रहने वाली मधेशी पार्टी ने भी नक़्शा प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। वहीं सभी दलों ने प्रस्ताव को समर्थन दिया। प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस पहले ही इस प्रस्ताव को समर्थन दे चुके हैं। सरिता पहली ऐसी सांसद हैं, जिन्होंने अपनी पार्टी और अन्य दलों के खिलाफ नक्शा प्रस्ताव को ख़ारिज करने की मांग की।

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नेपाल सियासी संकट: ओली का इस्तीफे से इनकार, पार्टी में विभाजन तय

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नई दिल्ली। नेपाल में सियासी संकट गहराता जा रहा है। शनिवार को होने वाली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की बैठक टल गई है।

प्रचंड नहीं पहुंचे बैठक के लिए

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मिलने नहीं पहुंचे हैं। इसी के साथ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी विभाजन की ओर बढ़ती दिख रही है। उधर ओली ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है।

शुक्रवार की बैठक फेल

इससे पहले शुक्रवार को प्रचंड और केपी ओली के बीच तीन घंटे बैठक तक बैठक हुई थी पर इसमेें दोनों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ था।

अब सोमवार को मिलेंगे प्रचंड और ओली

शनिवार सुबह 9 बजे दोनों नेता एक बार फिर बैठक करने वाले थे। इसके बाद 11 बजे पार्टी की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होनी थी। लेकिन प्रचंड के न पहुंचने से बैठक टल गई। अब ये बैठक सोमवार 6 जुलाई को होगी।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि मौजूदा केपी ओली और पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड दोनों ही नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। प्रचंड का गुट चाहता है कि केपी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दें और पार्टी के अपने तरीके से चलाने दें। लेकिन केपी शर्मा ओली कार्यकारी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा नहीं देना चाहते हैं। इसी के चलते दोनों गुटों के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है।

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मोदी ने दिखाया आईना तो तिलमिलाया चीन, कहा – हमें विस्तारवादी कहना गलत

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नई दिल्ली। लद्दाख के फॉरवर्ड पोस्ट पर सैनिकों को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त संदेश में खुद को ‘विस्तारवादी राष्ट्र’ कहे जाने से चिढ़े चीन ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि वे बातों को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं।

चीन की प्रतिक्रिया

चीन को इशारों में दिए गए इस संदेश पर बीजिंग की ओर से चीनी दुतावास के प्रवक्ता ने सख्त प्रतिक्रिया दी। चीनी दुतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने कहा, “अपने 14 में से 12 पड़ोसी देशों के साथ सीमा का निर्धारण चीन ने शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए किया है। हमने जमीनी सीमाओं को मैत्रीपूर्ण सहयोग में बदला है। चीन को ‘विस्तारवादी’ के तौर पर देखना बिल्कुल आधारहीन है और पड़ोसी देशों के साथ अपने विवादों को गढ़ने जैसा है।”

क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी

बता दें कि 15 जून को चीन के साथ झड़प में 20 जवानों की शहादत के बाद अचानक लद्दाख दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए बिना चीन का नाम लिए कहा, ”विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है। यह युग विकासवाद का है। तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है। विकासवाद के लिए अवसर है और विकासवाद भविष्य का आधार भी है।

मोदी ने कहा कि विस्तारवाद की जिद किसी पर सवार हो जाती है तो उसने हमेशा विश्व शांति के सामने खतरा पैदा किया है। और यह न भूलें इतिहास गवाह है। ऐसी ताकतें मिट गई हैं या मुड़ने को मजबूर हो गई है।”

 

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फिलीपींस ने चीन को चेताया, युद्धाभ्यास रोके वरना होंगे गंभीर परिणाम

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मनीला। चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुरी तरह से घिरता दिख रहा है। पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद भारत के साथ स्थिति तनावपूर्ण है तो अब फिलीपींस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर चीन विवादित दक्षिण चीन सागर में अपनी सैन्य अभ्यास जारी रखता है तो वह ‘गंभीर प्रतिक्रिया’ करेगा।

फिलीपींस के विदेश सचिव तियोदोरो लोक्सिन जूनियर ने शुक्रवार को चीन को चेतावनी दी है कि अगर चीन विवादित दक्षिण चीन सागर में चीनी सैन्य अभ्यास जारी रखता है तो फिलीपींस गंभीर प्रतिक्रिया करेगा

विदेश सचिव लोक्सिन ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) 1 जुलाई से पेरासेल द्वीप समूह के बाहर अभ्यास कर रही है और चीनी समुद्री अधिकारियों ने सभी जहाजों को युद्धाभ्यास के क्षेत्र में नेविगेट करने से रोक रखा है।

चीनी जहां सैन्य युद्धाभ्यास कर जा रहा है, वहां के नो-एंट्री जोन की जांच करने के बाद, लोक्सिन ने कहा कि पेरासेल से पानी बंद हो गया है, जिसका विएतनाम की ओर से दावा किया जाता है। अब फिलीपींस क्षेत्र पर अतिक्रमण की कोशिश न करे। हालांकि उन्होंने इस पर चिंता जरूर जाहिर की।

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