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सड़क पर पति ले रहा था पत्नी के प्यार का टेस्ट, हुआ कुछ ऐसा की पहुंच गया अस्पताल

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नयी दिल्ली। कई बार इश्क आदमी को नादान बना देता है। ऐसा ही एक मामला चीन के झेजियागं प्रांत के लिशुई से सामने आया है। यहां एक शख्स ने ये जानना चाहा कि उसकी बीवी उसे सच में प्यार करती है या नहीं। इसके लिए उसने रात के अंधेरे में सड़क के बीचो-बीच खड़ा हो गया। कई गाड़ियां किसी तरह उसे बचाती हुईं अगल-बगल से निकलती रहीं लेकिन कुछ सेकेंड के बाद एक गाड़ी आई और शख्स काफी दूर तक घिसटता चला गया।

पैन ने पुलिस को बताई ये बात, पत्नी भी बोली

इस शख्स का नाम सरनेम पैन है। ट्रैफिक कैमरा में दोनों के बीच हो रही झड़प कैद हो गई। फुटेज में पैन व्यस्त सड़क के बिल्कुल में बीच में खड़े दिख रहे हैं, जबकि पैजामा पहने हुए उनकी पत्नी उन्हें खींचते हुए दिख रही हैं। एक तेज रफ्तार से आ रही वैन पैन को टक्कर मार देती है जिसके बाद पैन की पत्नी पति का ऐक्सीडेंट देखकर तुरंत दौड़ पड़ती हैं।

सड़क पर ले रहा था बीवी का 'लव टेस्ट', जान जाते-जाते बची

पैन ने पुलिस को बताया, मेरी पत्नी और मैं बहस कर रहे थे, इसी बीच मैं कुछ ड्रिंक्स लेने चला गया। रास्ते में मैंने उसे बुलाया और हम फिर से लड़ाई करने लगे। पैन ने बताया, मैं देखना चाहता था कि वह मुझे रोकती है या नहीं। मैं जानना चाहता था कि वह मुझे असलियत में प्यार करती है या नहीं। लेकिन मुझे कार ने टक्कर मार दी और मैं घायल हो गया। पैन ने स्वीकार किया कि उन्हें अपने इस टेस्ट का पछतावा है। शख्स की पत्नी ने कहा, मैंने उससे कहा कि यह खतरनाक है और उसे चोट लग जाएगी। मैंने उसे कई बार पीछे खींचने की कोशिश की लेकिन कुछ काम नहीं आया। फुटेज से भी पत्नी के दावे की पुष्टि होती है।

सड़क पर ले रहा था बीवी का 'लव टेस्ट', जान जाते-जाते बची

पुलिस बोली

पुलिस अधिकारी झेंग शियाओ ने कहा, पैन भाग्यशाली था कि बच गया और उसकी हालत गंभीर नहीं है लेकिन उसके सिर और सीने की कई हड्डियां फ्रैक्चर हो गई। पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। https://kanvkanv.com

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भारत-चीन सीमा विवाद पर ट्रंप बोले-अमेरिका मध्यस्थता को तैयार

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नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के सीमा विवाद में मध्यस्तथा की पेशकश की है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, “हमने भारत और चीन को सूचित किया है कि अमेरिका मौजूदा सीमा विवाद के संबंध में मध्यस्थता के लिए तैयार और इच्छुक है।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद के बारे में भी कई बार मध्यस्थता की पेशकश की थी जिसे भारत ने अस्वीकार कर दिया था।

नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच तनातनी की स्थिति

हाल के दिनों में लद्दाख और सिक्किम में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच तनातनी की स्थिति पैदा हुई है। लद्दाख में एलएसी को लेकर विवाद दोनों पक्षों के बीच स्थानीय स्तर पर हुई सैन्य बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकला है। सूत्रों के अनुसार चीनी सैनिकों ने एलएसी के भारतीय इलाके में घुसपैठ कर वहां टेंट लगा दिए हैं जिसका भारतीय सेना विरोध कर रही है। दोनों पक्ष इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहे हैं।

भारत और चीन एक दूसरे के लिए खतरा नहीं- चीन के राजदूत सन विडोंग

इस बीच नई दिल्ली में चीन के राजदूत सन विडोंग ने कहा कि भारत और चीन एक दूसरे के लिए खतरा नहीं है, बल्कि कोविड के खिलाफ साझा सहयोग से नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दोनों देशों को एक दूसरे के विकास को सही नजरिये से देखना चाहिए। उन्हें अपने मतभेदों को व्यापक द्विपक्षीय सहयोग में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। भारत और चीन एक दूसरे के लिए अवसर पैदा करते हैं तथा वह एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं है।
चीनी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के लोगों को भारत-चीन संबंधों के महत्व को समझना चाहिए तथा राष्ट्रपति शी जिंगपिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच कायम एक राय को मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आपस में रणनीतिक विश्वास बढ़ाना चाहिए। उन्होंने मतभेदों को हल करने के लिए संपर्क और संवाद के जरिए हल करने पर भी जोर दिया।

ब्लू प्रिंट मांगा गया

वहीं पीएम मोदी ने मंगलवार को लद्दाख मामले पर पूरी रिपोर्ट ली, इसके अलावा तीनों सेना के प्रमुखों से विकल्प सुझाने के लिए कहा गया। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद रहे, इस दौरान सेना प्रमुखों, सीडीएस से इस मसले पर ब्लू प्रिंट मांगा गया है। पीएम मोदी की बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर बैठक की थी और ये फैसला हुआ था कि भारत लद्दाख बॉर्डर पर अपनी सड़क का निर्माण नहीं रोकेगा।
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यहां के रक्षा मंत्री पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला, बाल-बाल बचे, 7 सैनिकों की मौत

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नई दिल्ली। यमन के सेंट्रल प्रांत मारीब में स्थित रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय में मंगलवार देर रात बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया। इस हमले में यमन के रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-मकदशी बाल बाल बच गए। यह हमला रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-मकदशी और सेना अन्य कमांडरों की बैठक को लक्ष्य कर किया गया।

7 सैनिकों की मौत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में कम से कम 7 सैनिकों की मौत हो गई है और 10 अन्य घायल हो गए। मरीब के एक सुरक्षा अधिकारी ने हमले के लिए हूती मिलिशिया परआरोप लगाया। हालांकि हूतियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यमन हिंसा की चपेट में

उल्लेखनीय है कि साल 2014 के बाद से यमन हिंसा की चपेट में है। हूती विद्रोहियों ने देश की राजधानी सना सहित देश के अधिकांश हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। यह संकट 2015 में और बढ़ गया जब सउदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने हूतियों का क्षेत्रिय लाभ हासिल करने के लिए विनाशकारी हवाई अभियान शुरू किया था।
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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के ट्रायल पर WHO ने लगाई रोक

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के उपचार के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के ट्रायल पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रोक लगा दी है। WHO के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस कहा कि आमतौर पर हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोराईक्वीन दवाएं ऑटोइम्यून बीमारियों या मलेरिया के रोगियों के लिए सुरक्षित हैं, लेकिन हार्ट से जुड़ी समस्याओं पर इन दवाओं ने हानिकारक दुष्प्रभाव दिखाए हैं।

हाल में स्वास्थ्य क्षेत्र की मशहूर पत्रिका द लैंसेट में दावा किया गया था कि मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल आने वाली दवा क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का कोविड-19 के मरीजों के इलाज में फायदा मिलने का कोई सबूत नहीं है। उसने रिसर्च का हवाला देते हुए दावा किया था कि मर्कोलाइड के बिना या उसके साथ भी ये दोनों दवाइयों के इस्तेमाल से कोविड-19 मरीजों की मृत्युदर बढ़ जाती है। ये रिसर्च करीब 15 हजार कोविड-19 मरीजों पर किया गया था।

उधर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक रिसर्च में पाया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन लेने से कोविड-19 से संक्रमण की संभावना कम हो जाती है। इसके बाद भारत सरकार ने कोविड-19 से बचाव के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को और बढ़ाने का फैसला किया। आईसीएमआर ने मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल के लिए नई संशोधित गाइडलाइन भी जारी की है।

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