हरी आंखों वाली 'अफगान गर्ल' शरबत गुला को इटली में मिली पनाह

नई दिल्ली। नेशनल ज्योग्राफिक के कवर पेज पर अफगानिस्तान का चेहरा बनकर दुनिया मशहूर हुईं हरी आंखों वाली 'अफगान गर्ल शरबत गुला को इटली में पनाह ​मिल गई है। 
 
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हरी आंखों वाली 'अफगान गर्ल' शरबत गुला

नई दिल्ली। नेशनल ज्योग्राफिक के कवर पेज पर अफगानिस्तान का चेहरा बनकर दुनिया मशहूर हुईं हरी आंखों वाली 'अफगान गर्ल शरबत गुला को इटली में पनाह ​मिल गई है। 

इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी के कार्यालय की ओर सेजारी बयान में कहा गया है कि इटली ने हरी आंखों वाली "अफगान गर्ल" शरबत गुला को सुरक्षित आश्रय दिया है, जिसकी नेशनल ज्योग्राफिक में 1985 की तस्वीर उसके देश के युद्धों का प्रतीक बन गई थी।

एक बयान में कहा गया है कि अगस्त में तालिबान के देश में अधिग्रहण के बाद गुला ने अफगानिस्तान छोड़ने के लिए मदद मांगी थी, जिसके बाद सरकार ने हस्तक्षेप किया, एक बयान में कहा गया कि उनका आना अफगान नागरिकों को निकालने और एकीकृत करने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा था। अमेरिकी फोटोग्राफर स्टीव मैककरी ने पाकिस्तान-अफगान सीमा पर एक शरणार्थी शिविर में रहने वाली गुला की तस्वीर तब ली थी जब वह बेहद कम उम्र की थी।

बता दें कि शरबत गुला की तस्वीर पत्रकार स्टीव मक्करी ने ली थी। नेशनल ज्योग्राफिक ने उस समय कहा था, एक एफबीआई विश्लेषक, फोरेंसिक मूर्तिकार और एक इन्वेंटर ने उनकी पहचान की पुष्टि की थी। 

साल 2016 शरबत गुला में गिरफ्तार किया गया और एक पाकिस्तानी अदालत ने वापस अफगानिस्तान भेजने का आदेश दिया। चार बच्चों की अनपढ़ मां शरबत अब 49 साल की हो चुकी हैं। उन्हें 15 दिन जेल और 110,000 पाकिस्तानी रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।

शरबत गुला और उनके चार बच्चों को पेशावर में पाकिस्तान से लगभग 37 मील उत्तर पश्चिम में तोरखम सीमा के पार अफगान अधिकारियों को सौंप दिया गया था।  वहां से उन्हें काबुल ले जाया गया था जहां तत्कालीन राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) और उनकी पत्नी रूला ने राष्ट्रपति महल में शरबत के लिए एक स्वागत समारोह की मेजबानी की और एक नए घर की चाबी सौंपी थी।