अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति गनी बोले- काबुल छोड़ना मेरे जीवन का सबसे मुश्किल फैसला

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अफगानिस्तान छोड़ने के बाद पहली बार संपत्ति की जांच की बात कही और भागने का कारण भी बताया।
 
Ashraf Ghani
अशरफ गनी

काबुल । अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अफगानिस्तान छोड़ने के बाद पहली बार संपत्ति की जांच की बात कही और भागने का कारण भी बताया।

अशरफ गनी ने ट्विटर पर बयान पोस्ट करते हुए कहा कि मैंने सुरक्षाबलों के कहने के बाद काबुल छोड़ा। मुझे बताया गया कि अगर मैं काबुल नहीं छोड़ता हूं तो एक बार फिर 1990 जैसे हालात हो सकते हैं। 

काबुल छोड़ना मेरे जीवन का सबसे मुश्किल फैसला था लेकिन मेरा मानना है कि लाखों लोगों को बचाने का यही एकमात्र तरीका था। मैंने 20 साल से अधिक से अफगानिस्तान में लोकतंत्र के लिए काम किया है। मैं कभी काबुल नहीं छोड़ना चाहता था। ये वक्त मेरे अफगानिस्तान छोड़े जाने के लंबे मूल्यांकन का नहीं है। मैं भविष्य में इस बारे में और विस्तार से बात करूंगा।

अशरफ गनी ने आगे कहा है कि मुझे निराधार आरोपों का जवाब देना है। मुझ पर आरोप लगाए गए कि मैं काबुल से निकलते वक्त आम लोगों के करोड़ों रुपये ले गया। ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। भ्रष्टाचार से लड़ना राष्ट्रपति के तौर पर मेरा प्रमुख मकसद रहा है। 

मैंने और मेरी पत्नी ने अपनी सारी संपत्ति सार्वजनिक रूप से घोषित कर दी है। मैं अपने बयानों की सत्यता को साबित करने के लिए यूनाइटेड नेशंस या किसी और स्वतंत्र निकाय के तहत आधिकारिक ऑडिट या जांच का स्वागत करता हूं।

उन्होंने आगे कहा है कि मैं पिछले 40 सालों से लड़ रहे अफगान सैनिकों और उनके परिवार वालों के बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट करता हूं। मुझे बेहद अफसोस है कि मेरा अध्याय त्रासदी में खत्म हुआ है। अफगानिस्तान के लोगों से माफी मांगता हूं कि मैं इसे बेहतर तरीके से खत्म नहीं कर सका।