डाक्टर करते रहे दिमाग का ऑ़परेशन, महिला मरीज बनाती रही पकौड़े

नयी दिल्ली। इटली के एंकोना की रहने वाली एक महिला जिसकी उम्र 60 साल की है। उसे दिमाग में बीमारी थी। जब वह डाक्टरों से मिली तो डाक्टरों ने बताया कि अब इसका ऑ़परेशन करना होगा। हालांकि महिला को डाक्टरों ने ये भी बताया कि जब उसका ऑ़परेशन होगा तब उसे जागते रहना होगा। महिला ने डाक्टरों की बात मान ली और कहा, वह जगेगी लेकिन अपने तरीके से। फिर डाक्टरों ने महिला का ऑ़परेशन शुरू किया इस दौरान महिला पकौड़े बनाती रही।

डॉक्टर करते रहे दिमाग की सर्जरी, महिला मरीज बनाती रही पकौड़े

यह है पूरा मामला

अजींडा ओसपेडाली रियूनिटी हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के डॉ. रॉबर्टो ट्रिगनानी ने ये ऑपरेशन किया। उन्होंने महिला से कहा कि जब तक हम ऑपरेशन करेंगे तब तक आपको जगना होगा। महिला ने कहा कि वो जग लेगी लेकिन अपने तरीके से।

डॉक्टर करते रहे दिमाग की सर्जरी, महिला मरीज बनाती रही पकौड़े

महिला ने ढाई घंटे चले ऑपरेशन के दौरान 90 ऑलिव एपरीटिफ्स यानी पकौड़ें या नगेट्टस बना डाले। डॉक्टर ट्रिगनानी ने बताया कि हमारी टीम ये देखती रही कि पेशेंट पकौड़े बना रही हैं या नहीं।

डॉक्टरों ने सर्जरी के दौरान महिला को जगने के लिए इसलिए कहा था क्योंकि ऐसे ऑपरेशन में अक्सर मरीज को पैरालिसिस का अटैक आ जाता है। जगकर काम करते रहने से मरीज को पैरालिसिस का अटैक आने की आशंका बेहद कम हो जाती है।

ऑपरेशन थियेटर में मरीज के बेड पर एक बड़ी सी टेबल रखी गई। पकौड़े बनाने की सारी सामग्री रख दी गई थी। उधर सर्जरी चलती रही और इधर महिला ने ढाई घंटे में 90 पकौड़े बना डाले। इटली में इन पकौड़ों को एपरीटिफ्स (Aperitifs) कहते हैं।

डॉक्टर करते रहे दिमाग की सर्जरी, महिला मरीज बनाती रही पकौड़े

इससे पहले लंदन के किंग्स कॉलेज हॉस्पिटल में 53 वर्षीय डैगमार टर्नर ने अपने दिमाग की सर्जरी के दौरान वायलिन बजाती रही। सबसे अच्छी बात ये है कि पूरे ऑपरेशन में डैगमार के हाथ चलते रहे लेकिन ब्रेन की सर्जरी गड़बड़ नहीं हुई। इटली की मीडिया ने इस पूरे ऑपरेशन की खबर प्रकाशित की है। कोरोना से जूझ रहे देश में इस खबर से लोगों में काफी ज्यादा हैरत और खुशी में थे।