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दुनिया

चीन ने पाकिस्तान के तीन ​हवाई अड्डों​ पर तैनात किये लड़ाकू जेट, एयरपोर्ट का भी बिछा रहा है जाल

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पाकिस्तान के वायु क्षेत्र में​ उड़ते दिखाई दिए​ 20 से अधिक चीनी के लड़ा​​कू जेट 

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख की सीमा पर चल रहे तनाव के बीच चीन अब पाकिस्तान के रास्ते भारत की घेराबंदी कर​ने की कोशिश कर रहा है​ चीन की वायुसेना (पीएलए एफ) ने पाकिस्तान के 3 ​​हवाई अड्डों कंडवारी, रहीम यार खान और सुक्कुर पर ​अपने लड़ाकू जेट तैनात कर दिए हैं​। इस समय ​​पाकिस्तान के वायु क्षेत्र में ​​20 से अधिक चीनी वायुसेना के लड़ा​​कू जेट ​​उड़ते दिखाई दिए हैं। पीएलए एफ के सैकड़ों वायु सैनिक भी पाकिस्तान के इन तीनों हवाई अड्डों के पास नजर आ रहे हैं​​​​​ इसके अलावा चीन राजस्थान और गुजरात से लगती सीमा पर भी एयरपोर्ट का जाल बिछा रहा है​​​​​​​​ 

राजस्थान और गुजरात से लगती सीमा पर भी एयरपोर्ट का जाल बिछा रहा है​​​​ चीन 

​पाकिस्तान की सीमा में एयरपोर्ट बनाने के पीछे चीन का तर्क है कि इससे चीन और पाकिस्तान के व्यापार को फायदा मिलेगा लेकिन चीन की मंशा किसी से छुपी नहीं है। राजस्थान की जैसलमेर के घोटारु सीमा के ठीक सामने 25 किलोमीटर की दूरी पर कदनवाली के खेरपुर में ​चीन का ​एयरबेस तैयार हो चुका है​​​​ जैसलमेर बॉर्डर पर हमेशा चीनी सैनिक देखे जाते​ हैं। यहां पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी कुछ महीनों में बढ़ी है​​​​​​ इस एयरबेस पर ​पाकिस्तान ​चीन से मिले चेनगुड जे-7 फाइटर विमान, जे.एफ-17 फाइटर विमान, वाई-8 रडार और कई ​विमान उतारता रहता है​​​​​ इसी तरह बाड़मेर में मुनाबाव के सामने थारपारकर में भी चीनी सैनिक एयरपोर्ट बना रहे हैं​​​​ इसकी दूरी भी भारतीय सीमा से करीब 25 किमी. है​​​​​ चीनी सैनिक केवल राजस्थान सीमा पर ही नहीं बल्कि गुजरात से लगती सीमा पर भी एयरपोर्ट तैयार कर रहे हैं​​​​ गुजरात के सीमा के सामने 20 किमी. दूर मिठी में एक एयरपोर्ट बन​​ रहा है​​​​​ चीन, राजस्थान बॉर्डर से करीब 25 किमी दूर एयरपोर्ट बना रहा है, वही गुजरात बॉर्डर से लगभग 20 किमी दूर एयरपोर्ट बना रहा है।
कडंवारी एयरपोर्ट ​पाकिस्तान का ​निजी घरेलू हवाई अड्डा है, जो सिंध, पाकिस्तान में स्थित है। इसका स्वामित्व गैस कंपनियों के एक कंसोर्टियम के पास है और इसका संचालन ओएमवी पाकिस्तान द्वारा किया जाता है। इसका रनवे ​ ​7,874 फीट लम्बा है। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस ​यहां से ​सप्ताह में तीन बार एटीआर 42-500 का उपयोग करते हुए पीके-155 और पीके -155 के माध्यम से नियमित रूप से निर्धारित उड़ानें संचालित करती है।​ इसी तरह पाकिस्तान के शेख जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को रहीम यार खान हवाई अड्डे के रूप में भी जाना जाता है। यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में रहीम यार खान शहर से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका नाम जायद बिन सुल्तान अल नाहयान के नाम पर है, जिन्होंने इस हवाई अड्डे और अन्य परियोजनाओं के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की। इसका स्वामित्व और  संचालन पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पास है। इसका रनवे 9,842 फीट लम्बा है। पाकिस्तान एविएटर्स एंड एविएशन लहौर तक चार्टर्ड विमान और पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण इस्लामाबाद, कराची, लाहौर और जेद्दाह तक उड़ानों का संचालन करता है। 
 
पाकिस्तान का सुक्कुर हवाई अड्डा पूरी तरह से घरेलू है जो पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सुक्कुर जिले के सुक्कुर शहर के केंद्र से लगभग 8 किमी दूर स्थित है। यह एक मध्यम आकार का हवाई अड्डा है जो मुख्य रूप से सुक्कुर, खैरपुर और रोहरी की आबादी को कवर करता है। यह कराची में जिन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का मुख्य वैकल्पिक मार्ग है, जिसकी दूरी लगभग 350 किमी/220 मील है। इसके रनवे की लम्बाई 9,000 फीट है। जिन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद सुक्कुर हवाई अड्डा सिंध में दूसरा मुख्य परिचालन हवाई अड्डा है। पक्का रनवे लगभग 2,700 मीटर लंबा है। यह विशेष रूप से आपात स्थिति के समय और खराब मौसम की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी संभालता है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस यहां से कराची और इस्लामाबाद के लिए ​उड़ानों का संचालन करती है​​

यहां मौजूद हैं चीनी सैनिक

चीनी सैनिकों के लिए भारतीय सीमा के पास दो एयरपोर्ट बन चुके हैं जबकि दो और एयरपोर्ट बन रहे हैं​ ​यह भी जानकारी मिली है कि ​चीनी सैनिक पाकिस्तान के ​कराची, जकोकाबाद, क्वेटा, रावलपिंडी, सरगोडा, पेशावर, मेननवाली और रिशालपुर जैसे एयरबेस को अत्याधुनिक बना रहे हैं। 

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सिंगापुर में फिर एक बार PAP की सरकार, भारतीय मूल के प्रीतम सिंह संसद में विपक्ष के नेता होंगे

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नई दिल्ली। सिंगापुर के चुनाव में प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग को स्पष्ट जनादेश के साथ जीत हसिल हुई है और उनकी पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) एक बार फिर सत्ता में लौट आई है। शुक्रवार को हुए आम चुनावों में 93 में से 83 सीटों पर जीत हासिल की है।

मतों का प्रतिशत उतनी नहीं मिला जितनी उम्मीद थी-ली

चुनावों के नतीजे आने के बाद शनिवार सुबह आयोजित किए गए संवाददाता सम्मेलन में ली (68) ने बताया कि हमें सपष्ट जनादेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि हांलाकि मतों का प्रतिशत उतनी नहीं था जितना कि उन्होंने उम्मीद की थी। लूंग ने कहा, ‘‘मैं महामारी से निपटने और इकोनॉमी सुधारने में इस जनादेश का इस्तेमाल करुंगा। सिंगापुर के लोगों ने मुझपर और पार्टी पर भरोसा किया, इस पर मुझे गर्व है।’’

भारतीय मूल के नेता ने जीतीं रिकॉर्ड सीट

भारतीय मूल के नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व वाली विपक्षी वर्कर्स पार्टी ने सेंगकांग की जीआरसी समेत 10 सीटों पर जीत दर्ज की। सेंगकांग जीआरसी में उसने प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री एन ची मेंग के नेतृत्व वाली पीएपी टीम को हराया। वर्कर्स पार्टी को 2015 के आम चुनावों में छह सीटें मिली थी। उल्लेखनीय है कि 9 अन्य पार्टियों ने भी चुनाव में भाग लिया था। कुल 192 उम्मीदवारों ने 17 ग्रुप रिप्रेजेंटेशन कांस्टीट्वेंसी से चुनाव लड़ा।

नेता विपक्ष मनोनीत किया जाएगा

प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि वर्कर्स पार्टी के भारतीय मूल के महासचिव प्रीतम सिंह को ‘‘औपचारिक रूप से’’ नेता विपक्ष मनोनीत किया जाएगा और उन्हें इसके लिए आवश्यक सहयोग मुहैया कराया जाएगा। ली ने कहा, ‘‘सिंगापुर के नागरिक इस बात को समझते हैं कि दांव पर क्या लगा है और क्यों अपने राष्ट्रीय हितों को बनाए रखने के लिए हमें एक साथ आना चाहिए।’’

पीएपी 1965 से ही सत्ता में है

पीएपी यहां पर 1965 से ही सत्ता में है। इस बार इसे 61.24 फीसदी वोट हासिल हुए। यह 2015 में हुए चुनावों की तुलना में 8.7 फीसदी कम है। पिछले चुनावों में प्रधानमंत्री लूंग की पार्टी को 69.9 फीसदी वोट मिले थे। ली सेन लूंग 2004 से सिंगापुर के प्रधानमंत्री है। ली सिंगापुर की स्थापना करने वाले ली कुआन यू के बेटे हैं।

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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भारत ने बनाई जगह

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नई दिल्ली । देश में साल 2018 में किए गए बाघों के सर्वे ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। इस विशाल सर्वे को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिल गई है। बाघों के सर्वे के लिए देश में 26,760 स्थानों पर 139 अध्ययन किए गए। इस सर्वे के दौरान साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा बाघों के फोटों लिए गए, जिसमें 76,523 बाघों की तस्वीरें हैं और 51,337 तेंदुएं की तस्वीरें शामिल हैं। देश में 2967 बाघ हैं।
केन्द्रीय वन व पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर दी जानकारी 
इस संबंध में शनिवार को केन्द्रीय वन व पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि भारत में पिछले चार सालों में बाघों की संख्या दो गुनी हुई है। इसके लिए किए गए सर्वे को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिल गई है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में बाघों की संख्या तय समय से पहले ही दोगुना कर लिया गया है। दी ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन द्वारा बाघों पर किये गए सर्वे को गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। यह सर्वे दुनिया का सबसे विशाल सर्वे है।
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कजाकिस्तान के वायरस को लेकर दुनिया को एक और खतरा

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नई दिल्ली। कजाकिस्तान के वायरस को लेकर दुनिया में एक नया डर उत्पन्न हो रहा है। चीनी दूतावास ने कहा है कि यह कोरोना से भी खतरनाक वायरस है, इससे अब तक 1700 लोगों की जान जा चुकी है।  यह वायरस कैसे फैला, अभी तक इसके स्रोत का पता नहीं चल पा रहा है।

कजाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा …

हालांकि आज कजाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कहकर लोगों को थोड़ी राहत दी है कि कजाकिस्तान के इस वायरस से न्यूमोनिया का अटैक आ रहा है, लेकिन यह नया नहीं है। पिछले एक साल से कजाकिस्तान में यह फैला हुआ है। इस वायरस पर अभी और सूचना एकत्र की जा रही है।
चीनी दूतावास ने वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए जारी किया अलर्ट 
सबसे पहले 9 जुलाई को कजाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए यह अलर्ट जारी किया कि कजाकिस्तान का यह वायरस कोरोना से भी खतरनाक है और इससे मरने की संख्या भी ज्यादा होने की जानकारी मिल रही है। चीनी दूतावास ने ही जानकारी दी कि रोजाना इस कजाक वायरस से सैकड़ों लोग बीमार पड़ रहे हैं और इससे अब तक 1700 लोगों की जान जा चुकी है। कजाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज कहा कि मध्य जून से इस वायरस से संक्रमित लोग न्यूमोनिया की शिकायत के साथ ज्यादा आ रहे हैं।
यह वायरस बना महामारी का कारण 
कजाक स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस वायरल न्यूमोनिया वाले वायरस की इटियोलाॅजी, यानी इसके होने के कारण, का पता नहीं चल पाया है। लेकिन यह कहना कि यह वायरस महामारी का कारण बन गया है, सही नहीं है। कजाक स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि जिस तरह से चीन ने इसके बारे में बताया है वह सच्चाई नहीं है। चीनी दूतावास ने कहा था कि इस अनजान वायरस से जो 1,772 लोग मरे हैं उनमें से कई चीन के भी नागरिक हैं। अकेले जून में कुल 628 लोग इस नए वायरस से अपनी जान गवां चुके हैं।
पिछले साल के मुकाबले दुगने संक्रमित लोग आए सामने
कजाकी न्यूज एजेंसी काजइनफोर्म के अनुसार राजधानी क्षेत्र नूर सुल्तान में इस साल जून में पिछले साल के मुकाबले दुगने संक्रमित लोग सामने आए। इस न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि लगभग 200 लोग रोजाना ही संक्रमित होकर अस्पताल आ रहे हैं।  चीन ने कजाकिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों को यह सलाह दी है कि बिना किसी जरूरत के घर से बाहर ना निकले और भीड़ वाली जगह से बचें। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी कहा है कि इस अनजान वायरस के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।
जून 2020 में इस वायरस से बीमार लोगों की संख्या हुई 32,724 
प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साल जून के मुकाबले इस साल जून में इस वायरस से संक्रमितों की संख्या में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जून  2019 में  इस वायरस से बीमार लोगों की संख्या 7,964 थी, जबकि जून 2020 में यह संख्या बढ़कर 32,724 हो गई थी। पिछले साल जून में इस वायरस से मरने वालों की संख्या 274 थी, जबकि जून 2020 में 628। दुनिया के पास जब तक इस वायरस के बारे में सही तस्वीर नहीं आएगी, तब तक लोगों में एक अनजान डर बना रहेगा।
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