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राष्ट्रपति चुनाव मतदान से पूर्व कोरोना वैक्सीन आने की संभावनाएँ ख़त्म

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लॉस एंजेल्स। कोरोना वैक्सीन के निर्माण में जुटी अमेरिकी कंपनियों में अग्रणी फ़ाइजऱ ने कहा है कि 25 नवम्बर से पहले वैक्सीन आने की कोई संभावना नहीं है।

राष्ट्रपति चुनाव मतदान के लिए निर्धारित 03 नवम्बर से पूर्व अमेरिकी वैक्सीन के बाज़ार में उतारने और सेना के माध्यम से इस वैक्सीन को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुँचाने की क़वायद का मुद्दा राष्ट्रपति पद के दोनों दावेदारों- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेट उम्मीदवार जोई बाइडन के बीच पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ था। फ़ाइजऱ के अलावा अमेरिकी कंपनियों में जानसन एंड जानसन और माडरेना बायोटेक तो पहले ही चुनाव मतदान से पूर्व अपनी अपनी वैक्सीन बाज़ार में उतार पाने में असमर्थता ज़ाहिर कर चुके हैं।

फ़ाइजऱ इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलबर्ट बौरला ने शुक्रवार को जारी एक पत्र में कहा है कि कंपनी नवंबर के तीसरे सप्ताह में वैक्सीन संबंधी दस्तावेज अधिकृत किए जाने के लिए एफडीए को प्रेषित किए जा सकेंगे। माडरेना के सीईओ सटेफ़ेने बंकेल गत 30 सितम्बर को पहले ही कह चुके है कि उनके लिए 25 नवम्बर से पहले वैक्सीन संबंधी कागज़़ात तैयार नहीं हो पाएँगे। इसके अलावा जानसन एंड जानसन तथा आक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर तैयार की जा रही अस्ट्रा जेनेका तीसरे ट्रायल में एक-दो मरीज़ों के अस्वस्थ होने के कारण पहले ही देरी से चल रही हैं।

वहीं, अमेरिका में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू हो गई है। एक बार फिर दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले अमेरिका में बढ़ने लगे हैं। भारत से भी ज्यादा संक्रमण के केस आ रहे हैं। 24 घंटे में अमेरिका में 71 हजार नए मामले आए, जबकि भारत में 65 हजार मामले बढ़े हैं। इससे पहले भारत में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के केस देखने को मिल रहे थे।यही नहीं, बीते दिन दुनिया में सबसे ज्यादा मौत भी अमेरिका में ही हुई है।

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