यूएई में हैं अशरफ गनी, मानवीय आधार पर शरण दी गई शरण

अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने से पहले ही देश को छोड़कर जाने वाले राष्ट्रपति अशरफ गनी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शरण ली है।
 
Ashraf Ghani
अफगानिस्तान संकट


दुबई। अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने से पहले ही देश को छोड़कर जाने वाले राष्ट्रपति अशरफ गनी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में शरण ली है। यूएई की सरकार ने इसकी पुष्टि की। यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अशरफ गनी और उनके परिवार के सदस्यों को मानवीय आधार पर शरण दी गई है।

राष्ट्रपति अशरफ गनी के अलग-अलग देशों में होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पता चला है कि वह संयुक्त अरब अमीरात में हैं। 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जा जमाने के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ दिया था।

देश छोड़कर भागने के बाद गनी ने रविवार को अपनी पहली टिप्पणी में कहा था कि काबुल पर तालिबान के जबरन कब्जे की कार्रवाई में अगर अनगिनत देशवासी शहीद होते और शहर को तबाही का सामना करना पड़ता तो साठ लाख की आबादी वाले शहर के लिए यह एक बड़ी मानव आपदा होती। गनी ने एक फेसबुक पोस्ट में अपनी बात रखते हुए कहा थी कि खून की नदियां बहतीं, इससे बेहतर मैंने देश से बाहर जाना बेहतर समझा।

गनी ने कहा कि तालिबान विद्रोहियों को अब यह तय करना है कि अफगानिस्तान के नाम और सम्मान की रक्षा करनी है या और अन्य स्थानों और नेटवर्क को प्राथमिकता देनी है। उन्होंने कहा कि देशवासियों का दिल जीतने के लिए तालिबान के लिए यह जरूरी है कि वह अफगानिस्तान के सभी लोगों, राष्ट्रों, विभिन्न क्षेत्रों, बहन-बेटियों और महिलाओं को सुरक्षा क प्रति आश्वस्त करे।