Tuesday, August 16, 2022
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उत्तराखंड को मिला अक्षय पात्र रसोई का तोहफा, मुख्यमंत्री धामी ने किया उद्घाटन

  • 500 राजकीय विद्यालयों के 35 हजार छात्र-छात्राएं होंगी लाभान्वित
  • हंस फाउण्डेशन एवं अक्षय पात्र फाउण्डेशन की ओर से तैयार की गई एकीकृत अक्षय पात्र रसोई
  • प्रधानमंत्री पोषण कार्यक्रम के तहत बच्चों को पहुंचाया जायेगा मध्याह्न भोजन

देहरादून। प्रधानमंत्री पोषण कार्यक्रम के तहत राज्य में स्कूली बच्चों को स्वादिष्ट व पौष्टिक भोजन परोसा जायेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हंस फाउण्डेशन एवं अक्षय पात्र फाउण्डेशन की ओर से सुद्धोवाला में तैयार की गई एकीकृत अक्षय पात्र रसोई का विधिवत शुभारम्भ किया। राज्य की सबसे बड़ी इस एकीकृत रसोई से प्रत्येक दिन 35 हजार स्कूली छात्र-छात्राओं को मध्याह्न भोजन परोसा जायेगा, ताकि कोई भी बच्चा भूख की वजह से स्कूल न छोड़े।

राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत रसोई का शुभारम्भ

एकीकृत रसोई के लिये हंस फाउंडेशन द्वारा रूपये 60 करोड़ जबकि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा रूपये 53 करोड़ की धनराशि प्रदान की गई है। शुक्रवार को सुद्धोवाला में राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत रसोई का विधिवत् शुभारम्भ कर दिया गया है, जिसका उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। राज्य में पांच लाख से अधिक बच्चों को सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूलों में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने का विचार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का था। जिन्होंने मध्याह्न भोजन योजना का शुभारम्भ किया।

120 सरकारी विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा भोजन

इससे पहले गदरपुर में एकीकृत रसोई का संचालन शुरू कर दिया गया है। डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण कार्यक्रम के तहत अक्षय पात्र रसोई के माध्यम से प्रथम चरण में दून व आसपास के 120 सरकारी विद्यालयों के 15 हजार 500 छात्र-छात्राओं को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जायेगा, जबकि अगले छह माह में अक्षय पात्र रसोई के माध्यम से राज्य के 500 सरकारी विद्यालयों के 35 हजार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जायेगा, जो कि पूरी तरह से सुरक्षित, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक होगा।

बच्चों के पठन पाठन में न हो कोई परेशानी

शीघ्र ही डोईवाला, रूड़की, काशीपुर में भी एकीकृत रसोईयां शुरू की जायेगी। ताकि प्रदेश का कोई भी बच्चा भूख की वजह से स्कूल न छोड़े। डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार एक से लेकर बाहरवीं कक्षा तक के बच्चों को निःशुल्क किताब, बस्ता, उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में हर प्रकार की व्यवस्था कर रही है ताकि बच्चों को पठन-पाठन में कोई परेशानी न हो।

22 लाख बच्चों को मिली निशुल्क दवा

एक माह में 22 लाख बच्चों को निःशुल्क दवा उपलब्ध की गई। स्कूल खुलने पर बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा साथ ही उन्हें मुफ्त दवा भी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि अक्षय पात्र रसोई के माध्यम से जिस विद्यालय में मध्याह्न भोजन की दिया जायेगा उसका शुभारम्भ स्थानीय प्रतिनिधि द्वारा किया जायेगा। इस दौरान प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं एक स्थानीय पत्रकार भी मौजूद रहेगा ताकि जन सहभागिता से इस काम को पूरा किया जा सके।

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